बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना को विस्तार देते हुए घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह निर्णय राज्य कैबिनेट की शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत और ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी।
कौन होगा लाभार्थी?
इस योजना से बिहार के कुल 1.86 करोड़ 60 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, जिनमें से लगभग 1.67 करोड़ 94 हजार उपभोक्ता (यानी 90%) ऐसे हैं जिनकी मासिक खपत 125 यूनिट से कम है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब हर महीने बिजली के लिए भुगतान नहीं करना होगा। यह योजना जुलाई 2025 से लागू हो जाएगी और बिल में 125 यूनिट की राशि स्वतः घटा दी जाएगी।
राज्य सरकार पर कितना वित्तीय भार पड़ेगा?
इस योजना के तहत राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अतिरिक्त 3797 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। जबकि कुल विद्युत अनुदान मद में खर्च की अनुमानित राशि 19,792 करोड़ रुपये होगी, जो अगस्त 2025 से मार्च 2026 तक लागू होगी। अगले वित्तीय वर्ष में यह राशि और बढ़ाई जाएगी।
सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने बिजली की खपत और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता को कम करने के लिए अगले तीन वर्षों में 1.1 किलोवाट की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर संयंत्रों के अधिष्ठापन को प्रोत्साहित करने का निर्णय भी लिया है।
कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं को इस संयंत्र के लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना होगा।
सरकार द्वारा दी जाने वाली दो वर्षों की सब्सिडी से ही इन संयंत्रों की लागत पूरी हो जाएगी।
अन्य उपभोक्ता वर्गों के लिए अलग से नीति लाई जाएगी।
इस कदम से हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली उत्पादन में विविधता आएगी।
कैसे मिलेगा लाभ?
जुलाई 2025 से बिल में सीधे कटौती: उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक की खपत पर कोई भुगतान नहीं करना होगा।
मीटर खाते में राशि घटेगी: बिजली मीटर के बिल में यह राशि सीधे घटेगी।
125 यूनिट के बाद भी मिलेगी सब्सिडी: 125 यूनिट के बाद की खपत पर पूर्ववत सब्सिडी जारी रहेगी।
मुख्य आंकड़े एक नजर में:
कुल घरेलू उपभोक्ता: 1.86 करोड़ 60 हजार
125 यूनिट तक मासिक खपत वाले: 1.67 करोड़ 94 हजार (90%)
अतिरिक्त खर्च (2025-26): ₹3797 करोड़
कुल विद्युत अनुदान मद: ₹19,792 करोड़
सोलर प्लांट क्षमता: 1.1 किलोवाट
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