डिजिटल युग में आधार कार्ड अब केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपकी डिजिटल पहचान का मूल आधार बन चुका है। बैंकिंग से लेकर मोबाइल वॉलेट तक, सरकारी योजनाओं से लेकर पेंशन तक — लगभग हर सेवा में आधार की अनिवार्यता बढ़ती जा रही है। लेकिन अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि उन्होंने आधार कार्ड से कौन-सा मोबाइल नंबर लिंक कराया था।
यह भूल न सिर्फ आपकी सुविधा में बाधा बन सकती है, बल्कि साइबर ठगी का शिकार बनने का जोखिम भी बढ़ा देती है। ऐसे में समय रहते यह पता लगाना बेहद जरूरी हो जाता है कि आपके आधार कार्ड से कौन-सा मोबाइल नंबर लिंक है और कहीं कोई अनजान नंबर तो इससे जुड़ा नहीं।
क्यों जरूरी है आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी?
OTP आधारित सेवाएं (बैंकिंग, डिजिलॉकर, PAN लिंकिंग) इन्हीं नंबरों पर निर्भर होती हैं।
किसी अन्य के नंबर से लिंक होने पर वह व्यक्ति आपकी पहचान से कोई फर्जीवाड़ा कर सकता है।
UIDAI समय-समय पर आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर सुरक्षा अलर्ट भेजता है।
इसलिए अगर आपका मोबाइल नंबर बदल चुका है, या आपको अपने आधार से लिंक नंबर याद नहीं है, तो तुरंत जांच करना बेहद जरूरी है।
आधार से लिंक मोबाइल नंबर कैसे पता करें?
UIDAI की वेबसाइट के ज़रिए:
https://uidai.gov.in
पर जाएं।
“My Aadhaar” टैब में Verify Email/Mobile Number विकल्प पर क्लिक करें।
अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
मोबाइल नंबर या ईमेल दर्ज करें जिसे आप जांचना चाहते हैं।
कैप्चा भरें और “Send OTP” पर क्लिक करें।
अगर नंबर आधार से लिंक है, तो स्क्रीन पर पुष्टि मिल जाएगी। नहीं तो, “Not Verified” दिखेगा।
यदि आप OTP नहीं प्राप्त करते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह नंबर आपके आधार से लिंक नहीं है।
नंबर बदलना हो तो क्या करें?
अगर आपका पुराना नंबर बंद हो गया है और आप नया नंबर जोड़ना चाहते हैं, तो आप नजदीकी आधार नामांकन केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) जाकर मोबाइल अपडेट करवा सकते हैं। इसके लिए आपको:
आधार कार्ड (फोटोकॉपी और ओरिजिनल)
नया मोबाइल नंबर
₹50 की मामूली फीस
…जमा करनी होती है। अपडेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया नंबर 7-10 दिनों में रजिस्टर्ड हो जाता है।
स्कैमर्स से कैसे बचें?
आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को लेकर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि कोई स्कैमर आपके आधार से फर्जी मोबाइल नंबर लिंक करवा ले, तो वह कई वित्तीय सेवाओं का गलत उपयोग कर सकता है। इसलिए:
समय-समय पर अपने आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और ईमेल चेक करते रहें।
किसी भी अंजान लिंक या कॉल पर अपने OTP, आधार या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
आधार कार्ड की फोटोकॉपी पर उपयोग का उद्देश्य जरूर लिखें (जैसे: “Only for SIM verification”).
e-Aadhaar डाउनलोड करते समय पासवर्ड प्रोटेक्टेड PDF का ही प्रयोग करें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं,
“आधार एक संवेदनशील दस्तावेज है। यदि इससे गलत मोबाइल नंबर जुड़ा हो, तो यह आपकी पहचान से धोखाधड़ी के मामलों को जन्म दे सकता है। इसलिए डिजिटल सतर्कता अब केवल विकल्प नहीं, ज़रूरत है।”
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