आजकल वैरिकोज़ वेन्स की समस्या बहुत से लोगों को परेशान कर रही है। खासकर उन लोगों को, जो लंबे समय तक खड़े रहते हैं। घर के काम से लेकर ऑफिस तक, घंटों खड़े रहने की वजह से हमारे पैरों की नसों पर दबाव पड़ता है। इस दबाव से नसों के अंदर वाले वाल्व कमजोर हो जाते हैं और रक्त (ब्लड) नसों में जमा होने लगता है। इससे नसें सूज जाती हैं और गांठ या गुच्छे की तरह दिखाई देने लगती हैं, जिन्हें स्पाइडर वेन्स भी कहा जाता है।
वैरिकोज़ वेन्स क्यों होती हैं?
लंबे समय तक खड़े रहना या बैठे रहना
एक्सरसाइज न करना
कमजोर नसें और वाल्व
गलत पोस्चर
गर्भावस्था
हाई हील्स पहनना
पेल्विक क्षेत्र में अतिरिक्त फैट होना
वैरिकोज़ वेन्स के सामान्य लक्षण
पैरों में सूजन और दर्द
मांसपेशियों में ऐंठन
नीली रंगत वाली सूजी हुई नसें
स्पाइडर वेन्स (बारीक उलझी नसें)
स्किन अल्सर
समस्या कितनी बड़ी है?
वैश्विक स्तर पर लगभग 40% लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। भारत में करीब 20% महिलाएं और हर 5 में से 1 वयस्क वैरिकोज़ वेन्स की समस्या से जूझ रहा है।
वैरिकोज़ वेन्स की वजह से शरीर में क्या होता है?
नसें रक्त को दिल तक पहुंचाने का काम करती हैं। नसों के वाल्व ब्लड फ्लो को नियंत्रित करते हैं। जब ये वाल्व कमजोर हो जाते हैं तो ब्लड रुक जाता है और नसें सूज जाती हैं। इससे नसें रस्सी की तरह गुथी हुई दिखाई देती हैं।
वैरिकोज़ वेन्स से बचाव और घरेलू नुस्खे
एप्पल साइडर विनेगर से रोजाना मसाज करें
जैतून के तेल से मालिश करें
बर्फ की सिकाई करें, ताकि सूजन कम हो
अदरक, पिपली, जायफल के पेस्ट से राहत मिलती है
पौष्टिक आहार लें: लौकी, नींबू, संतरा, छाछ-लस्सी और मिक्स दालें
आयुर्वेदिक औषधियाँ जो मददगार हैं
गिलोय
अश्वगंधा
गुग्गुल
गोखरू
पुनर्नवा
वैरिकोज़ वेन्स के लिए कुछ विशेष इलाज
कपिंग थेरेपी
लीच थेरेपी
मिट्टी के लेप (मुल्तानी मिट्टी, एलोवेरा, हल्दी, कपूर, नीम, गुग्गुल)
रश्मि चिकित्सा
वैरिकोज़ वेन्स में योग और एक्सरसाइज का महत्व
गर्मी के मौसम में पसीने से शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। योग और नियमित हल्की-फुल्की एक्सरसाइज नसों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती है।
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