ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में तेजी से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है। इसकी पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर यह पहचानने में देर हो जाए तो जानलेवा साबित हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस बढ़ाने के लिए हर साल 13 अक्टूबर को जागरूकता दिवस मनाया जाता है, ताकि महिलाएं समय रहते इस बीमारी के लक्षणों को समझ सकें और सही इलाज करवा सकें।
आज हम आपको ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय विस्तार से बताएंगे ताकि आप और आपके अपने सुरक्षित रहें।
क्या है ब्रेस्ट कैंसर?
ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ब्रेस्ट की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकता है, लेकिन महिलाओं में यह अधिक आम है। इस कैंसर के अलग-अलग प्रकार होते हैं, जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि ब्रेस्ट की कौन-सी कोशिकाएं प्रभावित हुई हैं।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
अगर शरीर में ये बदलाव दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
✔️ ब्रेस्ट के आकार और शेप में बदलाव
✔️ ब्रेस्ट में गांठ या कठोरता महसूस होना
✔️ ब्रेस्ट या अंडरआर्म में गांठ बनना
✔️ निप्पल या ब्रेस्ट की स्किन का लाल होना या बदलना
✔️ निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज या खून निकलना
✔️ ब्रेस्ट की त्वचा पर छोटे-छोटे दाने या चकत्ते आना
ब्रेस्ट कैंसर के मुख्य कारण (रिस्क फैक्टर्स)
👉 उम्र बढ़ने के साथ खतरा बढ़ता है
👉 फैमिली हिस्ट्री (परिवार में किसी को पहले हुआ हो तो खतरा ज्यादा होता है)
👉 जेनेटिक कारण (BRCA1 और BRCA2 जीन में बदलाव)
👉 अनहेल्दी लाइफस्टाइल (ज्यादा जंक फूड, व्यायाम की कमी, मोटापा)
👉 हार्मोनल बदलाव (कुछ विशेष दवाओं या थेरेपी से हार्मोन असंतुलन हो सकता है)
👉 बच्चों को स्तनपान न कराना (ब्रेस्टफीडिंग से बचने से रिस्क बढ़ सकता है)
👉 शराब और धूम्रपान का अधिक सेवन
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय
💠 ब्रेस्ट में किसी भी असामान्य बदलाव पर ध्यान दें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
💠 40 साल की उम्र के बाद हर साल मैमोग्राम टेस्ट करवाएं।
💠 हेल्दी डाइट लें – हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें।
💠 मीट और प्रोसेस्ड फूड का कम से कम सेवन करें।
💠 फिजिकल एक्टिविटी को अपनी दिनचर्या में शामिल करें – रोजाना वॉक या एक्सरसाइज करें।
💠 शराब और धूम्रपान से दूर रहें।
💠 अगर परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास है, तो समय-समय पर जांच करवाएं।
💠 मोटापा कम करें, क्योंकि ज्यादा वजन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है।
💠 लंबे समय तक हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (HRT) से बचें।
💠 बच्चों को स्तनपान कराएं, इससे मां और बच्चे दोनों की सेहत को फायदा होता है।
निष्कर्ष:
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है। अगर शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इस बीमारी का इलाज संभव है। अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें, नियमित चेकअप कराएं और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
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