जंग से निकलने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान पर एक और मुसीबत आ पड़ी है. देश में शुक्रवार से हो रही बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. बाढ़ के पानी ने इतनी भयानक तबाही मचाई है कि खेत, सड़कों, गावों और शहरो में घर बह गए हैं और फसलें बर्बाद हो गई हैं. अफगानिस्तान के प्रांत- बदख्शां, घोर, बगलान और हेरात बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक बाढ़ ने 300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है. कई इंटरनेशनल रिलीफ एजेंसी और ग्रुप प्राभावित क्षेत्रों में रिलीफ मैटेरियल जैसे दवाई, खाना, सेफ्टी और इमरजेंसी किट आदी को सप्लाई करने में लगी है. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सहायता समूह ‘सेव द चिल्ड्रन’ ने बच्चों और उनके परिवारों की सहायता के लिए मोबाइल स्वास्थ्य और बाल संरक्षण टीमों के साथ एक “क्लिनिक ऑन व्हील्स” भेजा है.
बाढ़ ने बगलान क्षेत्र के पांच जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है. सेव द चिल्ड्रन के कंट्री निदेशक अरशद मलिक ने न्यूज एजेंसी AP को बताया कि “जान और माल दोनों बह गए हैं. अचानक आई बाढ़ ने गांवों को तहस-नहस कर दिया, घर बह गए और जानवर मर गए. बच्चों ने सब कुछ खो दिया है. उन्होंने कहा क्षेत्र के परिवार अभी भी तीन साल के सूखे के आर्थिक प्रभावों से जूझ रहे हैं, उन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है.
खबरों के मुताबिक बाढ़ में एक हजार से ज्यादा घर, हजारों हेक्टेयर खेती की जमीन और पशु तबाह हो गए हैं. बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में मदद के लिए ट्रकों पहुंचना भी मुश्किल हो गाया है. शनिवार को इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने सदस्य देशों और दुनिया भर के अन्य देशों से अफगानिस्तान में बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों की तत्काल मदद करने का आग्रह किया है. किया इसके अलावा अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी अचानक आई बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों के लिए मानवीय सहायता का मांग की है.
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