सालों की निराशा, टूटी उम्मीदें और बार-बार हार का ग़म — साउथ अफ्रीका की क्रिकेट टीम ने इन सबका बोझ आखिरकार उतार फेंका। WTC 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका ने डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया।
टेम्बा बावुमा की कप्तानी में यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि 27 सालों की भावनाओं और संघर्षों का विस्फोट थी।
लॉर्ड्स में 14 जून को टूटा हार का सिलसिला
11 जून से शुरू हुए इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का नतीजा चौथे दिन (14 जून) ही सामने आ गया।
पहली पारी में सिर्फ 138 रन पर ढेर हो चुकी साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 282 रनों का लक्ष्य हासिल कर सबको चौंका दिया।
इस तरह साउथ अफ्रीका ने 1998 की नॉक आउट ट्रॉफी के बाद पहली बार कोई ICC खिताब अपने नाम किया।
केशव महाराज के छलकते आंसू बने जीत की सबसे बड़ी तस्वीर
मैच के बाद जब सभी खिलाड़ी अपनी खुशी का इज़हार कर रहे थे, तो टीम के एकमात्र हिंदू खिलाड़ी केशव महाराज अपने जज़्बात नहीं रोक पाए।
जब ग्रेम स्मिथ ने उनसे इस ऐतिहासिक जीत पर प्रतिक्रिया ली, तो महाराज की आंखों से आंसू बह निकले।
उन्होंने कहा:
“ये लम्हा बेहद खास है। मेरे आंसू इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हम इस जीत को कितनी शिद्दत से महसूस कर रहे हैं।
इतने सालों से एक ट्रॉफी की तलाश थी, और अब आखिरकार हमने उसे छू लिया है। ये जीत पूरे देश के नाम है।”
मैच में महाराज का योगदान भी अहम
हालांकि तेज़ गेंदबाज़ों का बोलबाला रहा, लेकिन केशव महाराज ने दोनों पारियों में कुल 12 ओवर में सिर्फ 36 रन देकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को बांध कर रखा।
उन्होंने पहली पारी में एलेक्स कैरी का बड़ा विकेट भी हासिल किया, जिससे ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी टूट गई।
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