सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) को **FY 2024-25 (AY 2025-26)** के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITRs) को प्रोसेस करना होगा—जो 16 सितंबर, 2025 की बढ़ी हुई ड्यू डेट तक या 31 दिसंबर, 2025 तक देरी से फाइल किए गए हैं—**31 दिसंबर, 2026** तक, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत (वित्तीय वर्ष के खत्म होने के नौ महीने के अंदर)।
फाइलिंग की तारीखें बढ़ने के बावजूद यह कानूनी समय-सीमा अपरिवर्तित रहती है।
**अगर CPC डेडलाइन मिस कर देता है**
रिटर्न को फाइल किए गए के रूप में स्वीकार कर लिया जाएगा, और CPC के पास एडजस्टमेंट करने (जैसे, डिमांड बढ़ाने) का अधिकार नहीं रहेगा। किसी सूचना की ज़रूरत नहीं है, और विभाग को देरी के बारे में बताने की ज़रूरत नहीं है।
**रिफंड क्लेम करना**
टैक्सपेयर रिफंड (धारा 244A के तहत ब्याज सहित) के हकदार बने रहते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं:
– ई-फाइलिंग पोर्टल (ई-निवारण) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
– अधिकार क्षेत्र वाले असेसिंग ऑफिसर को आवेदन करें
– लंबे समय तक चलने वाले मामलों में, रिट याचिका जैसे कानूनी उपायों का सहारा लें
ध्यान दें: असेसिंग ऑफिसर अभी भी अलग से स्क्रूटनी या रीअसेसमेंट शुरू कर सकते हैं।
समय पर कार्रवाई के लिए पोर्टल पर नियमित रूप से स्टेटस ट्रैक करें।
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