बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते आजकल लोगों में पोषण की कमी आम होती जा रही है। विशेष रूप से प्रोटीन की कमी (Protein Deficiency) एक ऐसी समस्या है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर बना सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर लोग यह पहचान ही नहीं पाते कि उनके शरीर में प्रोटीन की मात्रा कम हो रही है।
प्रोटीन हमारे शरीर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। यह न सिर्फ मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है, बल्कि त्वचा, बाल, हॉर्मोन और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाए रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक औसत वयस्क को अपने वजन के अनुसार रोजाना 50-60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। आइए जानते हैं प्रोटीन की कमी के 5 प्रमुख लक्षण, जिनसे आप घर बैठे पहचान सकते हैं कि आपका शरीर खतरे की ओर बढ़ रहा है या नहीं।
1. लगातार थकावट और ऊर्जा की कमी
अगर बिना किसी भारी काम के भी आपको दिनभर थकान महसूस होती है, तो यह आपके शरीर में प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और मांसपेशियों की मरम्मत में सहायक होती है।
2. बालों का झड़ना और त्वचा का रूखापन
प्रोटीन की कमी से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। साथ ही त्वचा में नमी की कमी हो जाती है, जिससे रुखापन, खुजली या बेजान त्वचा की समस्या देखने को मिलती है।
3. मांसपेशियों का कमजोर होना
मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द या कमजोरी महसूस होना भी एक प्रमुख संकेत है। यह संकेत अक्सर बुज़ुर्गों और शारीरिक रूप से कमज़ोर लोगों में अधिक देखने को मिलता है।
4. बार-बार बीमार पड़ना
प्रोटीन की कमी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कम कर देती है, जिससे आप जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। छोटे-छोटे संक्रमण भी लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
5. घाव भरने में देरी
अगर आपके कटे या छिले हुए घाव भरने में सामान्य से ज़्यादा समय ले रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर में प्रोटीन की मात्रा पर्याप्त नहीं है।
कैसे करें बचाव?
अपने भोजन में दालें, चना, दूध, अंडा, पनीर, सोया, टोफू और नट्स शामिल करें।
नियमित रूप से पौष्टिक और संतुलित आहार लें।
ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर की सलाह से प्रोटीन सप्लीमेंट भी अपनाया जा सकता है।
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