आज के व्यस्त जीवन में अधिकांश लोग सही और संतुलित आहार नहीं ले पाते, जिससे शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होना आम समस्या बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन और मिनरल्स जैसे आयरन, जिंक, विटामिन D, विटामिन B12 और कैल्शियम की कमी से शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है, जिन्हें अनदेखा करना स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स क्यों जरूरी हैं?
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शरीर के छोटे-छोटे कामों के लिए जरूरी होते हैं, जैसे हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखना, रक्त संचार में मदद करना, त्वचा और बालों की सेहत बनाए रखना और इम्यूनिटी को मजबूत करना। इनकी कमी से शरीर जल्दी थकने लगता है, दर्द महसूस होता है और बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं।
शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी के प्रमुख संकेत:
थकान और ऊर्जा की कमी: सामान्य काम करने में भी जल्दी थकना।
बदलते मूड और चिड़चिड़ापन: मानसिक थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
बदन दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी: हल्की-हल्की मेहनत में भी दर्द या सुन्नपन महसूस होना।
बालों और त्वचा की समस्या: बाल झड़ना, रूखापन, त्वचा का पीलापन या निखार कम होना।
बार-बार संक्रमण या कमजोरी: रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना।
सिरदर्द और चक्कर आना: शरीर में ऑक्सीजन या खून की कमी के संकेत।
नींद में परेशानी: नींद पूरी होने के बावजूद शरीर थका हुआ महसूस करना।
कैसे करें कमी पूरी:
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार ही सबसे असरदार तरीका है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडा, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और बीज जैसे खाद्य पदार्थ शरीर में आवश्यक विटामिन और मिनरल्स की पूर्ति करते हैं। इसके साथ ही, सूर्य की रोशनी में समय बिताना विटामिन D के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
यदि कमी गंभीर हो तो डॉक्टर द्वारा सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जा सकती है। लेकिन इसे खुद से लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। नियमित ब्लड टेस्ट और पोषण की जांच से सही समाधान पाया जा सकता है।
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