पलक फड़कना: सिर्फ अंधविश्वास नहीं, जानिए इसके पीछे की असली वजह

अक्सर लोग पलक फड़कने को शुभ या अशुभ मान लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पलक फड़कने की असली वजह क्या है? ज़्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर समस्या नहीं होती और अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन अगर ये बार-बार या लंबे समय तक हो, तो यह किसी न्यूरोलॉजिकल या मांसपेशियों से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।

🔍 पलक फड़कने के संभावित कारण
🌀 1. ब्लेफरोस्पाज्म (Blepharospasm)
इसमें दोनों पलकों में बार-बार झटके आते हैं।

यह ऐंठन कुछ लोगों में लगातार बनी रहती है।

इलाज के लिए हर 3-4 महीने में बोटॉक्स इंजेक्शन दिए जाते हैं।

गंभीर मामलों में मायेक्टॉमी सर्जरी की सलाह दी जाती है।

⚡ 2. हेमीफेशियल ऐंठन (Hemifacial Spasm)
चेहरे के एक ओर की मांसपेशियों में अनियंत्रित झटके लगते हैं।

यह एक न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर है।

इसका कारण तंत्रिका में दबाव, चोट या ट्यूमर हो सकता है।

👁 3. पलक मायोकिमिया (Eyelid Myokymia)
यह हल्के, अनैच्छिक झटकों के रूप में होता है।

अधिकतर मामलों में निचली पलक प्रभावित होती है।

यह कुछ सेकंड से लेकर हफ्तों तक रह सकता है।

🧠 4. मेइगे सिंड्रोम (Meige Syndrome)
इसमें आंखों, जीभ और जबड़े की मांसपेशियों में तेज और दर्दनाक ऐंठन होती है।

पलकों के साथ-साथ मुंह, जबड़ा और जीभ भी प्रभावित होती है।

यह दो तरह की स्थितियों का मिश्रण है: ब्लेफरोस्पाज्म और ओरोमैडिब्यूलर डिसऑर्डर।

🛡️ कब सतर्क होना ज़रूरी है?
अगर पलक फड़कना लगातार कई दिनों तक हो

ऐंठन के साथ चेहरे के दूसरे हिस्सों में भी झटके महसूस हों

अगर दर्द, सूजन या धुंधली दृष्टि भी साथ हो

तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें:

तीन दिग्गज सितारे, फिर भी फ्लॉप हुई फिल्म! ‘नो प्रॉब्लम’ ने क्यों किया निराश