आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं और इनका सही से काम करना जीवन की गुणवत्ता के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन अगर आंखों में बार-बार जलन, सूखापन, धुंधलापन या रात में देखने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो रही हैं, तो इसे हल्के में न लें। विशेषज्ञों के अनुसार, ये लक्षण कई बार शरीर में किसी खास मिनरल की कमी का संकेत हो सकते हैं।
आंखों की समस्या अक्सर जीवनशैली, उम्र या डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से जुड़ी होती है। लेकिन जब ये समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह शरीर में जिंक, आयरन या विटामिन A जैसी पोषक तत्वों की कमी की ओर इशारा करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिंक की कमी से आंखों में धुंधलापन, रात में देखने में कठिनाई और आंखों के चारों ओर सूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिंक रेटिना और आंखों के मेटाबॉलिज्म के लिए आवश्यक है। वहीं, विटामिन A की कमी से रतौंधी (नाइट ब्लाइंडनेस), आँखों की सूखापन और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। आयरन की कमी भी आंखों में ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकती है और थकावट के साथ दृष्टि कमजोर कर सकती है।
आखिरकार, यह समस्या सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं रहती। मिनरल की कमी शरीर की इम्युनिटी, ऊर्जा स्तर और मांसपेशियों के कामकाज पर भी असर डाल सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि आंखों में किसी भी तरह की लगातार परेशानी को नजरअंदाज न करें और आवश्यक जांच कराएं।
पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए खानपान में बदलाव सबसे प्रभावी तरीका है। जिंक के लिए बीन्स, नट्स, अंडा, मांस और दालों का सेवन बढ़ाएं। विटामिन A के लिए गाजर, पालक, शकरकंद और पपीता जैसे सब्जियों और फलों को डाइट में शामिल करें। आयरन की कमी को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और रेड मीट खा सकते हैं।
इसके अलावा, आँखों की सेहत बनाए रखने के लिए स्क्रीन टाइम कम करें, पर्याप्त नींद लें और आँखों को आराम देने के लिए पलकों को आराम दें। विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक डिजिटल डिवाइस का उपयोग और मिनरल की कमी मिलकर आंखों की समस्या को और गंभीर बना सकते हैं।
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