वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि वाहन विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के एसयूवी मॉडल फ्रॉन्क्स का जापान को निर्यात शुरू होने से वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड इंडिया’ की छवि और मजबूत हुई है।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने बयान में कहा कि फ्रॉन्क्स मॉडल की 1,600 से अधिक इकाइयों की पहली खेप गुजरात के पीपावाव बंदरगाह से जापान के लिए रवाना हुई है।
फ्रॉन्क्स मारुति सुजुकी की जापान में पेश की जाने वाली पहली एसयूवी होगी। कंपनी इस मॉडल को खास तौर पर अपने गुजरात संयंत्र में ही तैयार करती है।
गोयल ने इस बारे में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘समय बदल रहा है। यह वास्तव में गर्व का क्षण है क्योंकि मारुति सुजुकी की 1,600 से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ एसयूवी की खेप पहली बार जापान को निर्यात की गई है।’’
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले एक दशक में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों को लागू किया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन पर जोर देने से ‘ब्रांड इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर एक नाम बनने में मदद मिली है।’’
वर्ष 2016 में बलेनो के बाद फ्रॉन्क्स मारुति सुजुकी का दूसरा मॉडल है जिसे जापान को निर्यात किया जा रहा है।
मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘‘जापान दुनिया में गुणवत्ता को लेकर सबसे सजग और उन्नत वाहन बाजारों में से एक है। जापान को हमारा निर्यात मारुति सुजुकी की विश्वस्तरीय वाहनों का निर्माण करने की क्षमता का प्रमाण है।’’
मारुति ने फ्रान्क्स को पिछले साल अप्रैल में पहली बार पेश किया था। इसने बड़ी तेजी से लोकप्रियता हासिल कर ली और 10 माह के भीतर ही सबसे तेज एक लाख इकाई की बिक्री दर्ज करने वाली देश का पहला मॉडल बन गई।
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