सर्दियों का मौसम न केवल ठंड और शीतलहर लेकर आता है बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ा देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में यदि सही सावधानी न बरती जाए तो सर्दी, फ्लू, संक्रमण और पोषण संबंधी समस्याएं गर्भ और माँ दोनों के लिए खतरा बन सकती हैं।
सर्दियों में गर्भवती महिलाओं की 5 आम गलतियां
भारी और तले-भुने भोजन का सेवन
सर्दियों में तिल, मूंगफली, पराठा या भारी तला-भुना खाना खाना आम हो जाता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि यह पाचन में समस्या, मोटापा और दिल की धड़कन बढ़ाने का कारण बन सकता है। गर्भावस्था में हल्का, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन ही सही रहता है।
ठंडा या फ्रिज का भोजन लेना
गर्भवती महिलाएं अक्सर बाहर या फ्रिज से रखे खाने का सेवन करती हैं। ठंडा भोजन पाचन तंत्र पर असर डालता है और सर्दियों में इम्यूनिटी कमजोर कर सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
व्यायाम या हल्की एक्सरसाइज न करना
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए कई महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलती। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की एक्सरसाइज या योग गर्भ और माँ दोनों के लिए फायदेमंद है। यह रक्त संचार और ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है।
जरूरत से कम पानी पीना
सर्दियों में अक्सर पानी पीने की आदत कम हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है क्योंकि इससे शरीर में निर्जलीकरण, थकान और प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याएं नहीं होती हैं।
सर्दी और संक्रमण से बचाव में लापरवाही
गर्भावस्था में इम्यूनिटी कमजोर होती है। कई महिलाएं कोट, स्वेटर या मास्क का सही इस्तेमाल नहीं करती। इससे वायरल संक्रमण, सर्दी और खांसी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
सर्दियों में सुरक्षित रहने के उपाय
संतुलित और हल्का भोजन: दलिया, हरी सब्जियां, दाल, फल और सूखे मेवे शामिल करें।
गर्म कपड़े और स्वेटर: शरीर को ठंड से बचाएं और विशेषकर पेट और पीठ को गर्म रखें।
साफ पानी और हाइड्रेशन: दिनभर कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं।
हल्की एक्सरसाइज: घर के अंदर योग, स्ट्रेचिंग या वॉक करें।
सर्दी-जुकाम से बचाव: भीड़-भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनें और हाथों की सफाई रखें।
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