एयर कंडीशनिंग का ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, जानिए इसके दुष्प्रभाव

आज के समय में एयर कंडीशनिंग हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है। गर्मियों में ठंडक पाने के लिए ज्यादातर लोग एसी का इस्तेमाल करते हैं। ऑफिस हो या घर, लोग दिनभर एयरकंडीशंड माहौल में रहना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आरामदायक ठंडक आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है?

अगर आप भी लंबे समय तक एसी के बिना नहीं रह सकते, तो आपको इसके नुकसान के बारे में जरूर जानना चाहिए।

1. बदन दर्द और जोड़ों की अकड़न
क्या आपको लंबे समय तक एसी में बैठने के बाद शरीर में जकड़न या दर्द महसूस होता है?
➡️ ज्यादा समय तक एयर कंडीशनर में रहने से शरीर में ऐंठन और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
➡️ ठंडी हवा के कारण मांसपेशियों में अकड़न आने लगती है, जिससे पीठ दर्द और गठिया रोग के मरीजों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।
➡️ रिसर्च के अनुसार, एयरकंडीशनर में ज्यादा देर रहने से मौसम के बदलाव को शरीर जल्दी एडॉप्ट नहीं कर पाता, जिससे शरीर में दर्द और जकड़न महसूस होती है।

2. डिहाइड्रेशन की समस्या
क्या आपको एसी में बैठने पर कम प्यास लगती है?
➡️ एसी में ज्यादा वक्त बिताने से शरीर को प्यास लगने का संकेत देर से मिलता है, जिससे पानी पीने की मात्रा कम हो जाती है।
➡️ यह शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा कर सकता है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और माइग्रेन हो सकता है।
➡️ ज्यादा एसी में रहने से त्वचा और शरीर में नमी की कमी हो सकती है।

3. त्वचा का रूखापन और ड्राईनेस
➡️ एयर कंडीशनर हवा को डी-ह्यूमिडिफाई करता है, जिससे स्किन की नमी कम होने लगती है।
➡️ लंबे समय तक एसी में रहने से त्वचा रूखी, बेजान और खुजलीदार हो सकती है।
➡️ अगर आप एसी में ज्यादा समय बिताते हैं, तो दिन में 2-3 बार मॉइश्चराइज़र जरूर लगाएं, ताकि स्किन की नमी बरकरार रहे।

4. आंखों में जलन और ड्राईनेस
➡️ ज्यादा समय तक एसी में रहने से आंखों की नमी खत्म होने लगती है, जिससे आंखों में जलन, खुजली और सूखापन हो सकता है।
➡️ जो लोग लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताते हैं, उन्हें एसी में अधिक बैठने से आंखों की परेशानी ज्यादा हो सकती है।
➡️ अगर आपको आंखों में लगातार खुजली, लालपन या जलन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

5. आलस्य और सुस्ती बढ़ाता है
➡️ अगर आपको ऑफिस में काम के दौरान नींद आती है या सुस्ती महसूस होती है, तो इसका कारण एसी भी हो सकता है।
➡️ ठंडी हवा के कारण शरीर ज्यादा रिलैक्स महसूस करता है, जिससे एक्टिवनेस कम हो जाती है और आलस्य बढ़ जाता है।
➡️ ज्यादा ठंडक मिलने से दिमाग को यह संकेत मिलता है कि शरीर आराम की स्थिति में है, जिससे नींद आने लगती है।

एसी से होने वाले नुकसान से कैसे बचें?
✔️ ज्यादा समय तक एसी में रहने से बचें।
✔️ बीच-बीच में बाहर निकलकर नेचुरल हवा और धूप लें।
✔️ शरीर को हाइड्रेट रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
✔️ स्किन को ड्राईनेस से बचाने के लिए मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करें।
✔️ आंखों को ड्राईनेस से बचाने के लिए आई ड्रॉप का उपयोग करें।
✔️ कमरे में एक ह्यूमिडिफायर लगाएं, ताकि हवा में नमी बनी रहे।
✔️ एसी का तापमान 22-26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें, बहुत ज्यादा ठंडा न करें।

निष्कर्ष:
एयर कंडीशनिंग आरामदायक तो है, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। अगर आप लंबे समय तक एसी में रहते हैं, तो यह आपकी त्वचा, आंखों और जोड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है।

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