दही की शुद्धता के लिए FSSAI की ये बातें हर खरीददार को जाननी चाहिए

दही हमारे खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पाचन, हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन बाजार में मिलने वाला दही हमेशा शुद्ध और सुरक्षित नहीं होता। मिलावट या घटिया गुणवत्ता वाला दही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसी वजह से FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने कुछ जरूरी दिशानिर्देश बनाए हैं, जिन्हें हर खरीददार को जानना चाहिए।

FSSAI के प्रमुख नियम और दिशानिर्देश

  1. लेबल और पैकेजिंग जांचें:
    • दही की पैकेजिंग पर MFG (Manufacturing Date), EXP (Expiry Date), निर्माता का नाम और पता जरूर देखें।
    • पैकेजिंग फट या डैमेज न हो।
  2. शुद्धता का प्रमाण:
    • केवल वही दही खरीदें जिसमें FSSAI लाइसेंस नंबर और मार्किंग मौजूद हो।
    • बिना लाइसेंस वाला दही स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है।
  3. रंग और गंध:
    • दही का रंग सफेद या हल्का क्रीमी होना चाहिए।
    • खराब दही में अजीब गंध या एसिडिटी अधिक होती है, इसे न खरीदें।
  4. सतर्कता रखें:
    • मार्केट से खरीदते समय किसी भी तरह के रंग, फ्लेवर या प्रिज़र्वेटिव्स का ओवरयूज होने पर सावधान रहें।
    • होममेड दही में भी सफाई और सही तापमान पर रख-रखाव जरूरी है।
  5. स्टोरेज और तापमान:
    • दही को हमेशा ठंडा (रिफ्रिजरेटर) में स्टोर करें।
    • बाहर खुले में रखा दही जल्दी खराब हो सकता है।

 

दही एक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ है, लेकिन शुद्धता और सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। FSSAI के दिशानिर्देशों का पालन करके आप स्वस्थ और सुरक्षित दही का सेवन सुनिश्चित कर सकते हैं।

याद रखें: शुद्ध दही ही सेहतमंद और पौष्टिक होता है, मिलावट वाला दही स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।