पंजाब में रोजगार क्रांति! भगवंत मान सरकार ने 54,422 युवाओं को दी सरकारी नौकरियां

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को सरकारी नौकरियां देने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए एक नया मील का पत्थर छू लिया है। शनिवार तक राज्य में कुल 54,422 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक और नियुक्ति नहीं, बल्कि पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है। उन्होंने 281 नए नियुक्त उम्मीदवारों को नौकरी के पत्र देकर इस प्रक्रिया की निरंतरता को रेखांकित किया।

💬 पिछली सरकारों ने युवाओं के भविष्य के साथ किया धोखा: भगवंत मान
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्ट और निष्क्रिय नीतियों ने राज्य के नौजवानों का भविष्य अंधकारमय कर दिया था।
उन्होंने कहा,

“पूर्व सरकारों के नेताओं ने अपने बच्चों का जीवन तो संवार लिया, लेकिन आम युवाओं के करियर के साथ खिलवाड़ किया।”

📊 2022 से अब तक 54,422 भर्तियां, और नौकरियां जल्द
भगवंत मान ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक 54,141 युवाओं को विभिन्न विभागों में नौकरी दी जा चुकी है, और इस नए बैच के साथ आंकड़ा 54,422 हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आखिरी मौका नहीं है — सरकार और भी नौकरियों की घोषणा करने जा रही है।

🌞 साल के सबसे लंबे दिन को बताया ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री ने आज के दिन को “ऐतिहासिक” बताया क्योंकि यह साल का सबसे लंबा दिन है और उन्होंने इसे युवाओं के करियर की नई उड़ान का प्रतीक बताया। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे इस मौके को एक “मिशन” के रूप में लें और जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाएं।

📚 यूपीएससी कोचिंग सेंटर खोलने का ऐलान
युवाओं को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के मकसद से भगवंत मान ने पंजाब भर में यूपीएससी कोचिंग सेंटरों की स्थापना की घोषणा की। इन सेंटरों में पुस्तकालय, हॉस्टल और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी ताकि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सके।

💰 अब हर सरकारी कर्मचारी को मिलेगा सम्मानजनक वेतन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कुछ अध्यापकों को केवल ₹6,000 प्रतिमाह वेतन मिलता था, जो मनरेगा मजदूरी से भी कम था।
उन्होंने आश्वासन दिया कि अब सरकार हर कर्मचारी को सम्मान के लायक वेतन दे रही है ताकि वे अपने परिवार को अच्छी ज़िंदगी दे सकें।

💡 अब नहीं होगी “खजाना खाली” की बहानेबाजी
भगवंत मान ने कहा:

“हमने कभी ये नहीं कहा कि राज्य का खजाना खाली है। हम हर एक पैसा जनकल्याण और विकास में खर्च कर रहे हैं।”

उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल आर्थिक संकट का रोना रोती रहीं, लेकिन वास्तविक सुधार के लिए कुछ नहीं किया।

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