गर्मी, वायरल बुखार या दस्त की स्थिति में अक्सर बच्चों को इलेक्ट्रोल पाउडर (ORS या Electrolyte Powder) दिया जाता है। यह शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ओवरडोज़ या गलत मात्रा में देने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
इलेक्ट्रोल पाउडर क्यों जरूरी है
इलेक्ट्रोल पाउडर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड) की कमी को तुरंत पूरा करता है। यह खासतौर पर बच्चों में डिहाइड्रेशन रोकने के लिए उपयोगी है। बच्चे, जो उल्टी, दस्त या तेज़ बुखार से पीड़ित हैं, उनमें शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है।
ओवरडोज़ के खतरे
डॉक्टरों का कहना है कि अधिक मात्रा में इलेक्ट्रोल पाउडर देने से बच्चे के शरीर में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा असंतुलित हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप हार्ट रिदम में गड़बड़ी, मतली, उल्टी और गंभीर मामलों में दौरे तक का खतरा बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरडोज़ से होने वाली परेशानी बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि उनका शरीर वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है।
बच्चों के लिए सही डोज़
6 महीने से 2 साल तक: लगभग 50-100 मिलीलीटर इलेक्ट्रोल पाउडर को पानी में घोलकर बच्चे को छोटे-छोटे सिप्स में दें।
2 से 5 साल तक: 100-200 मिलीलीटर इलेक्ट्रोल पाउडर को दिन में कई बार दिया जा सकता है।
5 साल से अधिक: जरूरत के अनुसार 200-400 मिलीलीटर पानी में घोलकर सेवन कर सकते हैं।
नोट: बच्चों को तुरंत पूरा ग्लास देने के बजाय छोटे-छोटे सिप्स में देना सुरक्षित होता है।
डॉक्टर की सलाह
स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें: इलेक्ट्रोल पाउडर हमेशा साफ पानी में ही घोलें।
माप का ध्यान रखें: पैकेज पर लिखी मात्रा का पालन अनिवार्य है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण देखें: अगर बच्चे में गंभीर उल्टी, भूख में कमी या अत्यधिक थकान हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ओवरदोज़ से बचें: जरूरत से ज्यादा इलेक्ट्रोल पाउडर देना नुकसानदायक हो सकता है।
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