राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज़ हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज के आवास पर छापेमारी की। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया।
AAP नेताओं का कहना है कि यह छापेमारी एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है ताकि पीएम मोदी की डिग्री को लेकर चल रहे विवाद से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
छापेमारी की टाइमिंग पर उठे सवाल
AAP प्रवक्ता प्रीति शर्मा मेनन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “जैसे ही अदालत में पीएम मोदी की डिग्री को लेकर अहम सुनवाई होनी थी, वैसे ही सौरभ भारद्वाज के घर रेड होती है। क्या यह मात्र संयोग है?”
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
क्या है डिग्री विवाद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। गुजरात यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्रियों को लेकर विरोधियों ने समय-समय पर संदेह जताया है। हाल ही में एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत डिग्री की प्रमाणिकता को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई होनी थी।
AAP का आरोप है कि इस सुनवाई से पहले ही एक तरह का ‘डाइवर्जन ऑपरेशन’ चलाया गया, ताकि जनता और मीडिया का ध्यान भटकाया जा सके।
ED की कार्रवाई का आधार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सूत्रों के अनुसार, सौरभ भारद्वाज से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही थी, जो कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई ‘Delhi Jal Board’ से संबंधित एक पुराने मामले में की गई है, जिसमें आर्थिक अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, AAP ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि “कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है, और ना ही भारद्वाज को पहले कोई नोटिस मिला था।”
विपक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है, जबकि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे अन्य विपक्षी दलों ने भी इस पर टिप्पणी करने से बचा लिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों के संदर्भ में केंद्र सरकार की ‘क्लासिकल स्ट्रैटेजी’ बता रहे हैं—विरोधियों को कानूनी मामलों में उलझाकर मुख्य मुद्दों से दूरी बनाना।
सौरभ भारद्वाज का बयान
छापेमारी के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा, “मैंने कभी कोई गलत कार्य नहीं किया। ये कार्रवाई हमें डराने और चुप कराने की साजिश है। लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वे कानूनी तौर पर हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।
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