अंकुरित मूंग, जिसे हिंदी में “अंकुरित मूंग दाल” कहा जाता है, स्वास्थ्य के लिए एक सुपरफूड माना जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों के अनुसार, मूंग को अंकुरित करने से इसके पोषक तत्व और एंजाइम्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे यह पाचन, इम्यूनिटी और ऊर्जा के लिए बेहद लाभकारी बनता है।
अंकुरित मूंग खाने के प्रमुख फायदे
पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है
अंकुरित मूंग में फाइबर और एंजाइम्स की मात्रा अधिक होती है।
रोजाना एक मुट्ठी अंकुरित मूंग खाने से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
वजन नियंत्रण में मददगार
मूंग अंकुरित होने पर कैलोरी कम और पोषक तत्व अधिक हो जाते हैं।
यह भूख को नियंत्रित करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में सहायक होता है।
इम्यूनिटी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
इसमें विटामिन C, प्रोटीन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
नियमित सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से बचाव होता है।
दिल और रक्तशर्करा के लिए लाभकारी
अंकुरित मूंग में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
यह हृदय को स्वस्थ रखता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद
इसमें मौजूद प्रोटीन और विटामिन्स त्वचा की चमक बढ़ाते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं।
नियमित सेवन से त्वचा में निखार आता है और बाल स्वस्थ रहते हैं।
अंकुरित मूंग का सही सेवन
मात्रा: रोजाना 20–25 ग्राम (लगभग एक मुट्ठी) अंकुरित मूंग पर्याप्त होती है।
खाने का तरीका: सलाद में मिला कर, हल्का उबाल कर या सीधे कच्चा भी खाया जा सकता है।
सुझाव: नमक, नींबू या हरी मिर्च डालकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
विशेष टिप्स
अंकुरित मूंग को साफ पानी में धोकर रखें और ज्यादा समय तक खुले में न रखें।
अगर पेट में गैस या संवेदनशीलता हो तो इसे हल्का उबालकर खाना बेहतर होता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए रोजाना थोड़ी मात्रा में सेवन सुरक्षित और लाभकारी है।
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