स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने लंबे समय से लोगों को यह सलाह दी है कि रोजाना कुछ स्वास्थ्यवर्धक आदतें अपनाने से बीमारियों से बचा जा सकता है। इसी कड़ी में अब विशेषज्ञों ने कहा है कि लहसुन की 2 कलियां रोजाना खाने से सेहत बेहतर रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
लहसुन, जिसे आयुर्वेद में ‘रसायन’ कहा गया है, में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, यह न केवल शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और संक्रमण जैसी समस्याओं से भी बचाव करता है।
विशेषज्ञ डॉ. अमित वर्मा बताते हैं, “लहसुन में मौजूद एलिसिन तत्व शरीर में सकारात्मक एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव डालता है, जो शरीर को कई प्रकार के संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम बनाता है। रोजाना 2 कलियां खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है।”
लेकिन सवाल यह उठता है कि लहसुन कैसे और कब खाना सही है? डॉ. वर्मा कहते हैं कि खाली पेट सुबह लहसुन की कलियां खाना सबसे लाभकारी होता है। इसे सीधे निगल सकते हैं या पानी के साथ खा सकते हैं। अगर इसका स्वाद बहुत तीखा लगे तो इसे हल्का भूनकर या सलाद में शामिल करके भी खाया जा सकता है।
लहसुन का नियमित सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। शोध में यह साबित हुआ है कि लहसुन के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीजों में शुगर लेवल में सुधार देखा गया। इसके अलावा, यह कोलेस्ट्रॉल कम करने और हृदय स्वास्थ्य सुधारने में भी सहायक माना गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि लहसुन का अत्यधिक सेवन कुछ लोगों के लिए पेट में जलन या एसिडिटी का कारण बन सकता है। इसलिए, 2 से अधिक कलियों का रोजाना सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और लीवर या किडनी संबंधी रोग से पीड़ित लोगों को भी लहसुन के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
रोजाना 2 कलियों के सेवन से शरीर को फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद मिलती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और कई सामान्य बीमारियों का खतरा कम होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे अपनी डेली डायट में शामिल करना, एक तरह से प्राकृतिक दवा और सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है।
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