आज सुबह फिर से धरती भूकंप के झटकों से दहल उठी। यह भूकंप खासतौर पर नेपाल में महसूस हुआ, जहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई। नेपाल से सटे तिब्बत में भी 6.8 की तीव्रता के झटके महसूस किए गए। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र लोबुचे से 93 किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
इस भूकंप का असर भारत के बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में भी देखने को मिला। नेपाल और बिहार के बीच की सीमा होने के कारण ये झटके भारत में भी महसूस किए गए। हालांकि नेपाल में इस भूकंप के कारण किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें लोग भूकंप के झटके के बाद अपने घरों से बाहर खुले में खड़े नजर आ रहे हैं।
नेपाल में लगातार भूकंप: 7 दिनों में तीसरी बार आया भूकंप
नेपाल में इस साल की शुरुआत में ही भूकंप के कई झटके महसूस हुए हैं। 7 दिनों के अंदर नेपाल में यह तीसरी बार भूकंप आया है। इससे पहले 3 जनवरी 2025 को नेपाल के कर्णाली प्रांत के मुगु जिले में 4.4 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। 2 जनवरी 2025 को भी नेपाल के सिंधुपालचौक जिले में 4.8 तीव्रता वाला भूकंप महसूस किया गया था।
नेपाल में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
नेपाल भौगोलिक दृष्टि से भूकंप के लिए बहुत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। नेपाल हिमालयन सिस्मिक बेल्ट में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। जब भारत और यूरेशियन प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो नेपाल में भूकंप आते हैं, और इसका असर आस-पास के देशों पर भी पड़ता है।
यह भी पढ़े :-
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check