कान का दर्द एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह सिर्फ असहजता नहीं बल्कि गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि कान में दर्द के कारणों को समझना और सही समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।
कान में दर्द के आम कारण
इयर इंफेक्शन (कान में संक्रमण)
कान में दर्द का सबसे सामान्य कारण है बैक्टीरिया या वायरस से होने वाला संक्रमण। यह बाहर के कान (Outer Ear) या मध्य कान (Middle Ear) दोनों में हो सकता है।
वायरल या सर्दी-जुकाम
सर्दी, जुकाम या फ्लू के दौरान कान में दर्द और भारीपन महसूस होना आम है। यह ईस्टाकियन ट्यूब (Ear Tube) में सूजन की वजह से होता है।
वॉटर इन एअर (पानी जमा होना)
स्नान या तैराकी के दौरान अगर कान में पानी जमा हो जाए तो कान का बाहरी संक्रमण और दर्द हो सकता है।
कान में वैक्स जमा होना
कान में बहुत अधिक वैक्स जमा होने से भी दर्द और सुनने में कमी हो सकती है।
दांत या जबड़े की समस्या
कभी-कभी दांत या जबड़े का दर्द कान तक फैल सकता है, जिसे रीफरिड पेन कहा जाता है।
कब होता है खतरनाक?
डॉक्टर बताते हैं कि यदि कान के दर्द के साथ ये लक्षण हों तो तुरंत इलाज कराना चाहिए:
तेज़ दर्द या अचानक दर्द में बढ़ोतरी
कान से पीप या खून का निकलना
सुनने में गंभीर कमी या आवाज़ का कम होना
तेज़ बुखार, सिरदर्द या चक्कर आना
कान के पास सूजन या लालिमा
उपचार और सावधानी
डॉक्टर से जांच कराएं: लगातार या तेज़ दर्द होने पर ENT डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
ओवर-द-काउंटर दवाओं का सावधानीपूर्वक उपयोग: दर्द या सूजन के लिए केवल डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
कान को साफ और सूखा रखें: पानी या किसी वस्तु को कान में न डालें।
गर्म सिकाई: हल्की गर्म पानी की थैली कान के बाहर रखने से आराम मिल सकता है।
सर्दी-जुकाम का इलाज: अगर दर्द सर्दी या फ्लू से जुड़ा है, तो इसे नियंत्रित करना मददगार होता है।
बच्चों में कान का दर्द
बच्चों में कान का दर्द आम है और अक्सर मिडिल ईयर इंफेक्शन के कारण होता है। माता-पिता को सलाह है कि बच्चों में कान में दर्द, बुखार या बेचैनी दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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