सूखी आंखें: आज के डिजिटल और एयर कंडीशन युग की नई बीमारी

आज की तेजी से बदलती जीवनशैली और डिजिटल उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल ने हमारी आंखों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयर कंडीशनर (AC) और मोबाइल फोन जैसी आदतें आंखों की प्राकृतिक नमी को कम कर रही हैं, जिससे सूखी आंखों की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

आंखों की नमी का संतुलन हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यह न केवल दृष्टि को स्पष्ट रखती है, बल्कि संक्रमण और जलन से भी बचाती है। डॉक्टरों के अनुसार, एयर कंडीशनर का लगातार इस्तेमाल और लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट स्क्रीन को देखने की आदत आंखों की प्राकृतिक नमी को तेजी से घटा देती है।

एयर कंडीशनर और आंखों का रिश्ता
AC का ठंडा और ड्राई हवा का प्रवाह आंखों की सतह से नमी छीन लेता है। लंबे समय तक एयर कंडीशन वाले कमरे में रहने से आंखों में जलन, खुजली और लालिमा जैसी समस्याएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AC की दिशा आंखों पर सीधे न होने दें और समय-समय पर आंखों को आराम देने के लिए कमरे से बाहर निकलें।

मोबाइल और डिजिटल उपकरणों का प्रभाव
मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर लगातार देखने से ब्लिंकिंग (पलकों की झपकन) की दर कम हो जाती है। इसका सीधा असर आंखों की नमी पर पड़ता है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, जलन और धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हर 20-30 मिनट में स्क्रीन से नजरें हटा कर 20 सेकंड के लिए दूर की किसी चीज पर ध्यान दें। इसे ‘20-20-20 रूल’ कहा जाता है।

क्या करें?

आंखों की नमी बनाए रखने के लिए आर्टिफिशियल ड्रॉप्स (आई ड्रॉप्स) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पर्याप्त पानी पीना और ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कमरे में नमी बनाए रखने के लिए फायदेमंद होता है।

स्क्रीन टाइम कम करना और आँखों को नियमित आराम देना बहुत जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सूखी आंखों की समस्या को नजरअंदाज किया जाए, तो यह दृष्टि कम होने और अन्य गंभीर आंखों की बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए डिजिटल उपकरणों और AC के लगातार इस्तेमाल में सावधानी बरतना जरूरी है।

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