बदलता मौसम हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। ठंड-गर्मी में बदलाव के कारण अक्सर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में प्राकृतिक उपायों की ओर रुख करना सबसे बेहतर विकल्प होता है। हर्बल टी (जड़ी-बूटी चाय) इन दिनों खासा लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है और बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है। आइए जानते हैं 5 ऐसी हर्बल टी के बारे में, जिन्हें बदलते मौसम में पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है।
1. तुलसी की चाय:
तुलसी को आयुर्वेद में “रामबाण औषधि” कहा जाता है। तुलसी की चाय न केवल सर्दी-खांसी में राहत देती है, बल्कि शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव करते हैं। रोजाना एक कप तुलसी की चाय पीने से आपके शरीर में संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
2. अदरक की चाय:
अदरक की चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन कम करते हैं। यह गर्माहट देती है और शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है। बदलते मौसम में जब सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ती है, तब अदरक की चाय पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाकर रोगों से लड़ने में मदद करती है।
3. काली मिर्च और हल्दी की चाय:
हल्दी और काली मिर्च में मौजूद करक्यूमिन और पाइपरिन तत्व शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट हैं। ये शरीर के अंदर फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। इस चाय को पीना शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है।
4. अश्वगंधा की चाय:
अश्वगंधा को आयुर्वेद में ‘जीवनदायिनी’ माना जाता है। यह तनाव कम करने के साथ-साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। अश्वगंधा की चाय मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की थकान को दूर करती है और बदलते मौसम में बीमार होने से बचाती है।
5. ग्रीन टी:
ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। ग्रीन टी नियमित पीने से वजन भी नियंत्रित रहता है और शरीर तंदुरुस्त बनता है।
हर्बल टी के सेवन के फायदे:
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
सर्दी-खांसी और फ्लू से बचाव
शरीर की ऊर्जा और ताकत में सुधार
पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाना
तनाव कम करना और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना
सेवन का सही तरीका:
हर्बल टी को आप दिन में 1-2 बार, खासकर सुबह और शाम के समय पी सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए इसे ताजा बनाकर गर्मागर्म ही पीना चाहिए। अगर स्वाद में थोड़ा सा शहद मिलाएं तो यह और भी लाभकारी हो जाती है।
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