मौसम का डबल अटैक: कश्मीर में बरसात, गुजरात-महाराष्ट्र में गर्मी का रेड अलर्ट

इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के लेटेस्ट बुलेटिन (1330 बजे IST पर जारी) के अनुसार, 12 मार्च, 2026 को भारत में मौसम में एकदम उलटफेर देखने को मिलेगा।

**बारिश और बर्फबारी के साथ उत्तरी इलाके में राहत**: एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दूसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी हुई है। लद्दाख में ज़ोजिला, द्रास और पानीखर-ज़ांस्कर जैसे ऊंचे इलाकों में काफी बर्फबारी हुई। कश्मीर घाटी में, श्रीनगर में कम से कम टेम्परेचर लगभग 12.5°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुपवाड़ा (पहले 6.4 mm रिपोर्ट किया गया था), बारामूला और पहलगाम जैसे इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश हुई। यह सर्दियों में बारिश की काफी कमी के बाद हुआ है। 19 मार्च तक मौसम खराब रहेगा, और 13-14 मार्च को थोड़ी देर के लिए सूखा रहने की संभावना है। 14 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत पर असर डाल सकता है, जिससे 14-16 मार्च को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश/गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

**पश्चिमी और मध्य हीट सर्ज**: गुजरात (सौराष्ट्र और कच्छ, गुजरात क्षेत्र) के कुछ हिस्सों में भीषण हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जबकि विदर्भ (महाराष्ट्र) के अलग-अलग इलाकों में हीटवेव है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, विदर्भ में कई जगहों पर अधिकतम तापमान 38-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया; मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस (कल का अधिकतम तापमान) दर्ज किया गया। नंदुरबार (मध्य महाराष्ट्र) में देश का सबसे अधिक तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस (कल का अधिकतम तापमान) दर्ज किया गया। आईएमडी ने 12-13 मार्च को गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में हीटवेव से लेकर भीषण हीटवेव के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसके बाद यह कम हो जाएगा। अगले 3 दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में 17 मार्च तक काफी बारिश/बिजली गिरने की संभावना है। दक्षिण भारत स्थिर रहेगा—बेंगलुरु में मौसम साफ (19-32°C), हैदराबाद/चेन्नई में मौसम गर्म रहेगा और आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे।

मार्च की शुरुआत में यह गर्मी—पश्चिम/उत्तर-पश्चिम में सामान्य से काफी ज़्यादा—समय से पहले गर्मी के आने का संकेत है, जबकि उत्तरी पहाड़ियों को राहत मिलेगी। mausam.imd.gov.in के ज़रिए अपडेट रहें।