सोशल मीडिया का इस्तेमाल आज हर उम्र के लोग कर रहे हैं और Snapchat भी युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय ऐप बन चुका है। फिल्टर्स, स्ट्रीक्स और चैट फीचर्स के साथ Snapchat ने Snapchat Plus नाम से एक पेड सब्सक्रिप्शन सेवा भी शुरू की है, जिसके लिए यूजर्स से हर महीने करीब 99 रुपये चार्ज किए जाते हैं। हालांकि, कई यूजर्स को यह पता ही नहीं होता कि उनके खाते से हर महीने यह रकम कट रही है। ऐसे में अगर आप भी इस खर्च से बचना चाहते हैं, तो एक आसान ट्रिक आपके काम आ सकती है।
क्या है Snapchat Plus?
Snapchat Plus एक प्रीमियम सब्सक्रिप्शन है, जिसमें एक्सक्लूसिव फीचर्स दिए जाते हैं। इसमें कस्टम ऐप आइकन, ज्यादा स्टोरी व्यू इनसाइट्स, बेस्ट फ्रेंड पिन करने की सुविधा और कुछ एक्सपेरिमेंटल फीचर्स शामिल हैं। हालांकि, आम यूजर्स के लिए Snapchat के फ्री फीचर्स ही काफी होते हैं और Plus सब्सक्रिप्शन जरूरी नहीं माना जाता।
कैसे कटते हैं हर महीने 99 रुपये?
अगर आपने कभी ट्रायल के तौर पर Snapchat Plus एक्टिव किया था या गलती से सब्सक्रिप्शन ले लिया था, तो यह ऑटो-रिन्यू मोड में चला जाता है। इसका मतलब है कि हर महीने आपके बैंक अकाउंट, UPI या कार्ड से अपने आप पैसे कटते रहते हैं, जब तक आप इसे मैन्युअली बंद न करें।
पैसे बचाने की आसान ट्रिक
Snapchat Plus का सब्सक्रिप्शन बंद करना बेहद आसान है, लेकिन इसके लिए सही जगह पर सेटिंग चेक करना जरूरी है।
सबसे पहले अपने फोन में Google Play Store (Android) या Apple App Store (iPhone) खोलें
वहां Subscriptions सेक्शन में जाएं
Snapchat Plus को चुनें
Cancel Subscription पर टैप करें
सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने के बाद अगली बिलिंग डेट से आपके पैसे कटने बंद हो जाएंगे। ध्यान रहे कि कैंसिल करने के बाद भी मौजूदा बिलिंग पीरियड खत्म होने तक Plus फीचर्स मिलते रह सकते हैं।
क्या कैंसिल करने से अकाउंट पर असर पड़ेगा?
सब्सक्रिप्शन बंद करने से आपका Snapchat अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित रहता है। केवल Plus के एक्स्ट्रा फीचर्स हट जाते हैं, जबकि चैट, स्ट्रीक्स, स्टोरी और फिल्टर्स जैसे सामान्य फीचर्स पहले की तरह चलते रहते हैं।
किन लोगों को जरूर करनी चाहिए जांच?
विशेषज्ञों के अनुसार, जो यूजर्स लंबे समय से Snapchat इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें समय-समय पर अपने ऐप सब्सक्रिप्शन जरूर चेक करने चाहिए। कई बार अनजाने में लिए गए ट्रायल बाद में नियमित भुगतान में बदल जाते हैं, जिससे हर महीने छोटा लेकिन लगातार खर्च होता रहता है।
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