हर महीने महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हल्का-फुल्का दर्द और ब्लड फ्लो सामान्य माना जाता है। लेकिन जब यह दर्द असहनीय हो जाए या ब्लड फ्लो सामान्य से कहीं अधिक हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकती है। कई बार महिलाएं इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।
महिलाओं की सेहत से जुड़ी समस्याएं अकसर चुपचाप बढ़ती हैं क्योंकि शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर टाल दिया जाता है। इसीलिए अगर पीरियड्स के दौरान लगातार तेज दर्द, भारी ब्लीडिंग, थकावट या कमजोरी महसूस हो रही है, तो उसे हल्के में न लें।
क्यों होता है पीरियड्स में दर्द और भारी ब्लीडिंग?
महिलाओं के मासिक धर्म चक्र के दौरान यूटरस (गर्भाशय) की परत टूटकर बाहर निकलती है। इस प्रक्रिया में हल्का दर्द होना सामान्य है। लेकिन जब दर्द असहनीय हो और ब्लड फ्लो अत्यधिक हो, तो इसके पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं:
ये हो सकती हैं संभावित बीमारियां:
1. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)
इसमें गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) की कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर विकसित हो जाती हैं, जिससे असहनीय दर्द और अत्यधिक ब्लीडिंग होती है।
2. यूटेराइन फाइब्रॉयड्स (Fibroids)
गर्भाशय में बनने वाली गांठें या रसौली, जो कैंसर नहीं होतीं, लेकिन ये पीरियड्स के दौरान भारी रक्तस्राव और पेट दर्द का कारण बनती हैं।
3. एडिनोमायोसिस (Adenomyosis)
जब यूटरस की अंदरूनी परत गर्भाशय की मांसपेशियों में प्रवेश कर जाती है, तो यह स्थिति बनती है, जिससे दर्द और भारी ब्लीडिंग होती है।
4. पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)
पीसीओएस में हार्मोनल असंतुलन के कारण पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, और कई बार ब्लीडिंग बहुत ज्यादा या बहुत कम हो सकती है।
5. थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी मासिक धर्म को प्रभावित करता है, जिससे ब्लड फ्लो में बदलाव और दर्द हो सकता है।
कब सतर्क हो जाना चाहिए?
हर महीने दर्द असहनीय हो रहा हो
ब्लीडिंग 7 दिन से अधिक चले
हर 1-2 घंटे में सैनिटरी पैड बदलना पड़े
चक्कर आना, अत्यधिक थकान या सांस फूलना
पीरियड्स के दौरान जी मिचलाना या उल्टी होना
लंबे समय से अनियमित मासिक धर्म
यदि उपरोक्त में से कोई लक्षण लगातार महसूस हो रहा है, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
कैसे रखें मासिक धर्म के दौरान विशेष ध्यान?
आयरन से भरपूर भोजन करें जैसे पालक, चुकंदर, अनार
ज्यादा पानी पिएं, डिहाइड्रेशन से बचें
अत्यधिक दर्द हो तो गर्म पानी की थैली का इस्तेमाल करें
स्ट्रेस को नियंत्रित रखें – योग और मेडिटेशन करें
डॉक्टर द्वारा बताए गए पेन रिलीफ मेडिसिन ही लें
विशेषज्ञ की राय
“अगर पीरियड्स का दर्द दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है या ब्लड लॉस ज्यादा हो रहा है, तो यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। महिला शरीर हर बार संकेत देता है, जरूरत है समय रहते उन्हें समझने की।”
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