भारतीय रसोई में नमक का स्थान सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यंजन की बुनियादी आवश्यकता है। लेकिन स्वाद बढ़ाने वाला यही नमक अगर सीमाओं से बाहर हो जाए, तो सेहत के लिए ज़हर बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो रोज़मर्रा की डाइट में अगर नमक का सेवन अधिक हो रहा है, तो यह दो बेहद खतरनाक बीमारियों—हाई ब्लड प्रेशर और किडनी डैमेज—का कारण बन सकता है।
नमक की जरूरत बनाम ज़रूरत से ज्यादा
शरीर को काम करने के लिए सोडियम की सीमित मात्रा की जरूरत होती है। लेकिन जब हम डिब्बाबंद, प्रोसेस्ड फूड, चिप्स, अचार, नमकीन स्नैक्स आदि के रूप में रोज़ाना बहुत अधिक नमक का सेवन करने लगते हैं, तब यह नुकसानदायक बन जाता है।
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की सलाह के मुताबिक, एक वयस्क को प्रतिदिन 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। लेकिन भारत में यह औसत 9 से 11 ग्राम तक पहुंच चुका है।
1. हाई ब्लड प्रेशर – ‘साइलेंट किलर’ से सावधान!
ज्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, जिससे ब्लड वॉल्यूम यानी रक्त की मात्रा बढ़ती है। इससे रक्तचाप (Blood Pressure) तेज़ी से बढ़ता है।
हाई बीपी को अक्सर “Silent Killer” कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं।
इसका सीधा असर दिल और दिमाग पर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्रेन हैमरेज तक की नौबत आ सकती है।
WHO के अनुसार, विश्व में हर साल लगभग 1.5 करोड़ लोगों की मौत हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है।
2. किडनी को पहुंचता है नुकसान
नमक का अत्यधिक सेवन किडनी पर भी भारी पड़ता है।
शरीर में जब सोडियम ज्यादा हो जाता है, तो किडनी को इसे फिल्टर करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
इससे धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता घटने लगती है और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का खतरा बढ़ जाता है।
विशेष रूप से डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को अधिक नमक से किडनी फेलियर का खतरा तीन गुना तक हो सकता है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर आप अधिक नमक खाते हैं, तो निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
बार-बार प्यास लगना
पैरों या चेहरे में सूजन
सिरदर्द या चक्कर आना
भूख में कमी
बार-बार पेशाब आना
ये संकेत बताते हैं कि शरीर में सोडियम असंतुलन हो रहा है और समय रहते नियंत्रण ज़रूरी है।
कैसे रखें नमक पर नियंत्रण?
घर में पकने वाले खाने में कम नमक डालें।
फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स से दूरी बनाएं।
लेबल पढ़ें: बाजार से कोई भी चीज़ लेते समय उस पर ‘Low Sodium’ या ‘No Added Salt’ जैसे संकेतों की जांच करें।
नींबू, मसाले और हर्ब्स का प्रयोग करें – स्वाद बढ़ाने के लिए।
स्वास्थ्य जांच: नियमित ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन की जांच करवाएं।
विशेषज्ञ की सलाह
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं:
“नमक स्वाद का नहीं, ज़िंदगी का संतुलन भी बिगाड़ सकता है। आज का ज़्यादा नमक, कल का स्ट्रोक या हार्ट फेलियर बन सकता है। इसे हल्के में लेना भूल न करें।”
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