थायराइड एक गंभीर बीमारी है, जिसे “साइलेंट किलिंग डिजीज” भी कहा जाता है। यह अक्सर असंतुलित आहार और सेहत के प्रति लापरवाही के कारण होता है। दुनियाभर में इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और भारत भी उन देशों में शामिल है, जहां यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। खासतौर पर, थायराइड महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। क्या आप जानते हैं कि हमारी इम्यूनिटी भी थायराइड होने के जोखिम को बढ़ा सकती है? आइए जानते हैं इसके बारे में।
इम्यूनिटी और थायराइड का संबंध
एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों का कहना है कि 12% मामलों में थायराइड का कारण इम्यूनिटी का कमजोर होना होता है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कमजोर इम्यूनिटी से थायराइड होने का खतरा बढ़ता है, और अगर थायराइड हो जाए तो ठीक होने में भी समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ लोगों का ऑटोइम्यून सिस्टम सही से काम नहीं करता, और इस स्थिति में सिर्फ थायराइड नहीं, बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
क्यों होता है ऐसा?
ऑटोइम्यून सिस्टम का कमजोर होना मुख्य रूप से हॉर्मोनल असंतुलन के कारण होता है। थायराइड के कारण शरीर के मेटाबोलिज़्म, ऊर्जा स्तर और अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होते हैं। इसके अलावा, शरीर में पोषण की कमी जैसे विटामिन्स और मिनरल्स की कमी भी थायराइड और ऑटोइम्यून बीमारियों को प्रभावित कर सकती है।
थायराइड के कुछ शुरुआती संकेत
गर्दन के आस-पास गांठे बनना
दिल की धड़कनों का तेज होना
सोने में परेशानी होना
वजन में अनियंत्रण
मासिक धर्म में बदलाव
मांसपेशियों में कमजोरी होना
मूड स्विंग्स
बालों का झड़ना
क्या करें?
स्वस्थ आहार का सेवन करें, जिसमें विटामिन्स और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा हो।
रोगों से बचाव के लिए समय पर इलाज करवाएं।
तनाव को कम करने की कोशिश करें।
व्यायाम करें, ताकि आपका शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहे।
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