क्या पेनकिलर लेने से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा? जानें एक्सपर्ट की राय

दर्द निवारक दवाओं (पेनकिलर) का सेवन आजकल आम हो गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ पेनकिलर दवाइयां आपके दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं? कार्डियोलॉजिस्ट यानी हार्ट स्पेशलिस्ट की चेतावनी के बाद यह विषय चर्चा में आ गया है।

पेनकिलर में मौजूद कुछ खास तत्व, खासकर NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs), लंबे समय तक या बिना डॉक्टर की सलाह के लेने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकते हैं। हार्ट विशेषज्ञों का कहना है कि यह खतरा विशेष रूप से उन लोगों में अधिक होता है जिनके पहले से दिल की कोई समस्या हो।

पेनकिलर कैसे बढ़ाते हैं हार्ट अटैक का खतरा?

NSAIDs दवाएं जैसे इबुप्रोफेन, नैप्रोक्सन आदि शरीर में सूजन को कम करती हैं और दर्द से राहत देती हैं। लेकिन ये दवाएं ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती हैं और ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ा देती हैं। इसके कारण दिल की धमनियों में ब्लॉकेज हो सकता है जो हार्ट अटैक का कारण बनता है।

कार्डियोलॉजिस्ट, बताते हैं, “पेनकिलर का सेवन बिना सलाह के या ज्यादा मात्रा में करना हृदय रोगों वाले मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर जो लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें पेनकिलर दवाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।”

कब बढ़ जाता है खतरा?

अगर पेनकिलर को लगातार कई महीने तक बिना ब्रेक के लिया जाए।

अगर दवा की डोज से ज्यादा ली जाए।

साथ ही अगर मरीज के पास पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो।

धूम्रपान और अधिक शराब पीने वालों में भी खतरा बढ़ जाता है।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

पेनकिलर दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह से करें।

दर्द निवारक के अलावा दर्द के अन्य कारणों की जांच जरूर कराएं।

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रण में रखें।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं—व्यायाम करें, संतुलित आहार लें और तनाव कम करें।

अगर हार्ट से संबंधित कोई लक्षण महसूस हो, जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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