क्या मजबूत इम्यूनिटी वालों पर प्रदूषण का असर कम होता है, जानिए

देशभर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या अच्छी इम्यूनिटी वालों पर इसका असर कम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वास्तव में कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रदूषण का प्रभाव पूरी तरह से खत्म हो जाता है।

एक्सपर्ट्स का कहना:
डॉक्टर और रिसर्चर्स बताते हैं कि वायु प्रदूषण में मौजूद PM2.5, PM10, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य हानिकारक तत्व फेफड़ों और हृदय पर प्रत्यक्ष असर डालते हैं। उच्च इम्यूनिटी वाले लोग इन प्रभावों का सामना थोड़ी बेहतर कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें पूरी तरह से खतरा नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी इम्यूनिटी केवल शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है, जबकि प्रदूषण श्वसन प्रणाली और हृदय पर भौतिक और रासायनिक दबाव डालता है। इसलिए सांस की तकलीफ, एलर्जी, अस्थमा और कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का खतरा सभी में समान रूप से मौजूद रहता है।

इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय:

संतुलित आहार – विटामिन C, विटामिन D, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार लेना शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाता है।

नियमित व्यायाम – हल्की एक्सरसाइज और योग प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।

पर्याप्त नींद – नींद की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है। 7-8 घंटे की नींद जरूरी है।

तनाव कम करना – मानसिक तनाव भी इम्यूनिटी को प्रभावित करता है। ध्यान, मेडिटेशन और गहरी सांस की तकनीक मददगार हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी:

अच्छी इम्यूनिटी के बावजूद प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल और प्रदूषण वाले समय में घर में रहना जरूरी है।

धूम्रपान, प्रदूषित पानी और अस्वस्थ जीवनशैली इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं।

बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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