वजन घटाने की चाह रखने वाले लोग अक्सर सोचते हैं कि चावल को डाइट से हटाना ही परिणाम देगा। चावल, जो भारतीय भोजन का मुख्य हिस्सा है, खासकर सफेद चावल, अक्सर कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट का बड़ा स्रोत माना जाता है। लेकिन क्या सच में चावल न खाने से वजन कम होता है?
डायट और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वजन कम करने में सिर्फ किसी एक चीज़ को छोड़ना पर्याप्त नहीं होता। वजन घटाने का मुख्य सिद्धांत कैलोरी इन और कैलोरी आउट है। यानी अगर आप कैलोरी की खपत कम कर देते हैं या ज्यादा खर्च करते हैं, तो वजन घटेगा। चावल छोड़ने से केवल यह फायदा हो सकता है कि आपकी कुल कैलोरी थोड़ी कम हो। लेकिन अगर आप अन्य कार्बोहाइड्रेट या कैलोरीयुक्त चीज़ें ज्यादा खा रहे हैं, तो वजन पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
सफेद चावल में मुख्य रूप से साधारण कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो तेजी से ब्लड शुगर बढ़ाते हैं और लंबे समय तक पेट भराव का एहसास नहीं देते। इसलिए कई लोग इसका सेवन कम करके वजन घटाने में मदद पाते हैं। वहीं ब्राउन राइस या होल ग्रेन राइस में फाइबर अधिक होता है, जो पाचन में मदद करता है और भूख को नियंत्रित रखता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चावल छोड़ना जरूरी नहीं है। इसके बजाय संतुलित मात्रा में चावल का सेवन और कैलोरी का ध्यान रखना बेहतर विकल्प है। उदाहरण के लिए, छोटे हिस्से में चावल लेना और उसे सब्जियों या दाल के साथ खाना शरीर को जरूरी पोषण देता है और वजन पर भी नियंत्रण रखता है।
इसके अलावा वजन घटाने के लिए केवल डाइट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं। व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कम करना भी उतना ही जरूरी है। चावल छोड़कर केवल भोजन की आदत बदलना वजन को स्थायी रूप से कम करने में कारगर नहीं हो सकता।
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