सोते समय मुंह से लार का बहना आम समस्या लग सकती है, लेकिन यह अक्सर स्वास्थ्य की चेतावनी भी हो सकती है। इसे हल्के में लेना और नजरअंदाज करना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार यह समस्या केवल नींद की स्थिति या आदत के कारण होती है, लेकिन कभी-कभी यह दांत, मसूड़े या गले की समस्या का संकेत भी हो सकती है।
मुख्य कारण
नींद की स्थिति: यदि आप सोते समय पीठ के बजाय पेट या बगल पर सोते हैं, तो मुंह खुला रह सकता है। इससे लार बहने लगती है।
साइनस और नाक की समस्या: नाक बंद होने पर लोग अनायास मुंह से सांस लेने लगते हैं। यह लार बहने का कारण बन सकता है।
दांत और मसूड़े की समस्या: मसूड़ों में सूजन या कैविटी होने पर लार का उत्पादन बढ़ सकता है।
हार्मोनल बदलाव या दवाइयाँ: कुछ दवाइयाँ और हार्मोनल असंतुलन लार उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।
GERD या एसिड रिफ्लक्स: पेट की एसिड रिफ्लक्स समस्या भी नींद के दौरान लार बहने का कारण बन सकती है।
सावधानी और रोकने के आसान तरीके
नींद की सही स्थिति: पीठ के बल सोने से लार का बहना कम हो सकता है।
नाक से सांस लें: नाक साफ और बंद न हो, इसके लिए सोने से पहले नाक की सफाई करें।
मसूड़ों और दांतों का ध्यान रखें: रोजाना ब्रश और माउथवॉश का उपयोग करें।
भारी भोजन से बचें: सोने से ठीक पहले बहुत मसालेदार या तेलीय भोजन न करें।
गुनगुना पानी पीएं: सोने से पहले हल्का पानी पीने से मुंह की नमी संतुलित रहती है।
डॉक्टर की सलाह लें: अगर लार बहना लगातार और अधिक मात्रा में हो, तो ENT या दंत विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोते समय लार बहना अक्सर सामान्य और अस्थायी होता है, लेकिन यदि इसके साथ सांस लेने में दिक्कत, गले में सूजन या मुंह की बदबू जैसी समस्या हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
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