डायबिटीज एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन इसके बारे में कई भ्रांतियां प्रचलित हैं। गलतफहमियों के कारण लोग समय पर सही उपचार नहीं ले पाते, जिससे यह समस्या और जटिल हो जाती है। इस लेख में हम डायबिटीज से जुड़े कुछ आम मिथकों और उनके पीछे की सच्चाई पर चर्चा करेंगे।
मिथक 1: मीठा खाने से डायबिटीज होती है
सच्चाई: मीठा खाना डायबिटीज का एकमात्र कारण नहीं है। यह रोग तब होता है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं। हालांकि, अत्यधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकता है।
मिथक 2: केवल मोटे लोगों को ही डायबिटीज होती है
सच्चाई: मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का एक बड़ा कारण हो सकता है, लेकिन यह पतले लोगों को भी हो सकता है। कई अन्य कारक, जैसे आनुवंशिक प्रवृत्ति, शारीरिक निष्क्रियता और अस्वास्थ्यकर आहार भी इस रोग के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
मिथक 3: डायबिटीज होने पर जीवनभर दवा खानी पड़ती है
सच्चाई: टाइप-1 डायबिटीज में इंसुलिन थेरेपी जरूरी होती है, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज को सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नियंत्रित किया जा सकता है। कई मामलों में, वजन नियंत्रण और सही दिनचर्या से दवाओं की आवश्यकता कम हो सकती है।
मिथक 4: डायबिटीज के मरीज मीठा बिल्कुल नहीं खा सकते
सच्चाई: डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में मीठा खा सकते हैं, लेकिन इसका सेवन संतुलित आहार और ब्लड शुगर लेवल को ध्यान में रखकर करना चाहिए। प्राकृतिक मिठास वाले फल जैसे जामुन, अमरूद और सेब डायबिटीज में फायदेमंद हो सकते हैं।
मिथक 5: डायबिटीज सिर्फ उम्रदराज लोगों को होती है
सच्चाई: पहले यह रोग मुख्य रूप से उम्रदराज लोगों में देखा जाता था, लेकिन आजकल खराब जीवनशैली, तनाव और अस्वस्थ आहार के कारण युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
मिथक 6: आयुर्वेद और घरेलू उपाय से डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो सकती है
सच्चाई: आयुर्वेद और घरेलू उपाय ब्लड शुगर नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन यह दावा करना गलत होगा कि वे पूरी तरह डायबिटीज को खत्म कर सकते हैं। वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित इलाज और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डायबिटीज से बचाव के उपाय
- स्वस्थ आहार लें – साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें।
- नियमित व्यायाम करें – तेज चलना, योग, साइकिलिंग और हल्के व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
- वजन नियंत्रित रखें – शरीर के अनुकूल वजन बनाए रखना जरूरी है।
- तनाव कम करें – ध्यान और प्राणायाम करें ताकि मानसिक तनाव न बढ़े।
- नियमित जांच कराएं – समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करवाएं ताकि समय रहते स्थिति का पता चल सके।
डायबिटीज को लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिनकी वजह से लोग इसे हल्के में लेते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा घबरा जाते हैं। सही जानकारी और जागरूकता से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप डायबिटीज के जोखिम में हैं या पहले से डायबिटीज से ग्रसित हैं, तो अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर इसे बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।