राज्य में ग्रामीण विकास और पंचायती राज की मजबूती को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। बैठक का उद्देश्य पंचायतों की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं की गति और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि ग्राम स्तर पर विकास की दिशा में पंचायतें सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और स्थानीय विकास की योजना बनाने की पूरी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी साधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से पंचायतों की गतिविधियों का मूल्यांकन और सुधार किया जा सकता है। इसके साथ ही, ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना भी जरूरी है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देशों में यह भी शामिल था कि पंचायतों को वित्तीय प्रबंधन, संसाधन आवंटन और जनसुनवाई प्रक्रिया में और अधिक सशक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि पंचायतें सक्षम होंगी, तो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निगरानी करना नहीं था, बल्कि ग्राम स्तर पर स्थानीय नेतृत्व और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पंचायतों को नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के माध्यम से मजबूत किया जाए, ताकि वे नई तकनीक और प्रबंधन कौशल में दक्ष बन सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए और जनता तक लाभ शीघ्र पहुंचाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पंचायतों को ऐसे साधन और संसाधन प्रदान किए जाएं, जिससे वे स्थानीय समस्याओं का तुरंत समाधान कर सकें।
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को तेज करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अगले चरण में पंचायतों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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