डायबिटीज़ आज एक गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है। इस बीमारी की जड़ में खराब जीवनशैली और गलत खानपान है।
अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो सिर्फ दवा से नहीं, बल्कि सही डाइट से भी ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में डायबिटीज़ के मरीज़ कुछ ऐसी चीज़ें खा लेते हैं, जो उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
आइए जानते हैं वो तीन चीज़ें, जिनसे डायबिटीज़ के मरीज़ों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
❌ 1. दही – छुपा हुआ खतरा
आपको लग सकता है कि दही ठंडा और फायदेमंद होता है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार दही की तासीर गर्म मानी जाती है।
यह पचने में भारी होता है और शरीर में कफ दोष को बढ़ाता है।
कफ बढ़ने से शरीर में सुस्ती, मेटाबॉलिज्म स्लो और वजन बढ़ने जैसे प्रभाव हो सकते हैं।
साथ ही ये कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को भी बढ़ा सकता है।
👉 डायबिटीज़ के मरीज़ों को दही से बचना चाहिए। इसकी जगह कभी-कभी पतली छाछ पी सकते हैं।
❌ 2. गुड़ – मीठा धोखा
अक्सर लोग सोचते हैं कि गुड़ चीनी से बेहतर विकल्प है। ये बात हद तक सही है, लेकिन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए नहीं।
गुड़ में भी शक्कर जितनी ही ग्लूकोज़ मात्रा होती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
हालांकि, यह रासायनिक रहित और पोषण से भरपूर होता है, लेकिन मधुमेह के रोगियों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
❌ 3. सफेद नमक – चुपचाप बढ़ाता है खतरा
नमक सीधे ब्लड शुगर को प्रभावित नहीं करता, लेकिन डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर की जोड़ी खतरनाक हो सकती है।
ज़्यादा नमक लेने से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डायबिटीज़ के मरीज़ों को सफेद नमक की जगह सेंधा नमक या लो-सोडियम नमक का इस्तेमाल करना चाहिए।
✅ आखिर क्या करें?
दही की जगह छाछ पिएं।
गुड़ और चीनी दोनों से दूर रहें, मीठे विकल्प पर डॉक्टर से सलाह लें।
सफेद नमक सीमित मात्रा में लें या सेंधा नमक का प्रयोग करें।
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