रणवीर सिंह स्टारर आगामी फिल्म ‘धुरंधर’ हाल ही में विवादों के कारण सुर्खियों में रही। सेना की छवि से जुड़े कुछ दृश्यों को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा था कि क्या फिल्म को रिलीज़ से पहले सैन्य अधिकारियों के पास समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। हालांकि अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘धुरंधर’ को किसी भी प्रकार की सैन्य जाँच या अनुमति प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल रहा था कि फिल्म में सेना के संचालन, अनुशासन और युद्ध-रणनीति से संबंधित कुछ दृश्य हैं, जिनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ सकते थे। इस वजह से यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इसे सैन्य अधिकारियों द्वारा पूर्व-निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। लेकिन सेंसर बोर्ड ने आधिकारिक समीक्षा के बाद इस बात से इनकार कर दिया कि फिल्म में ऐसा कोई अंश है जो सेनाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता हो या वास्तविक रणनीतियों का खुलासा करता हो।
CBFC ने अपने निर्णय में कहा कि ‘धुरंधर’ एक काल्पनिक कहानी पर आधारित फिल्म है जिसमें सेना से जुड़े दृश्य केवल कथा की नाटकीयता बढ़ाने के लिए उपयोग किए गए हैं। इनमें ऐसा कुछ भी नहीं है जो राष्ट्रीय सुरक्षा या सेना के परिचालन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का खुलासा करे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म के निर्माताओं ने सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन किया है और उन्हें किसी अतिरिक्त जाँच की आवश्यकता नहीं पड़ी।
फिल्म से जुड़े निर्माताओं ने भी राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि फिल्म का उद्देश्य किसी भी प्रकार से सैन्य व्यवस्था की आलोचना करना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नायक की कहानी है जो कठिन परिस्थितियों में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ता का परिचय देता है। उनके अनुसार, सेना से प्रेरित किरदार फिल्म में सम्मान और वीरता का प्रतीक हैं—न कि विवाद का विषय।
हालाँकि शुरुआत में सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म थी कि कुछ सीक्वेंस को लेकर आपत्ति उठ सकती है, लेकिन जानकारों का मानना है कि कई बार फिल्मों को लेकर गलतफहमियाँ वास्तविक सामग्री को देखे बिना ही फैल जाती हैं। अक्सर सैन्य पृष्ठभूमि वाली फिल्मों को जनता संवेदनशील दृष्टि से देखती है, जिसके कारण किसी भी छोटे दृश्य पर भी गंभीर बहस छिड़ सकती है।
रणवीर सिंह की यह फिल्म पहले से ही अपनी कहानी, निर्देशन और कलाकारों की टीम के कारण ध्यान आकर्षित कर रही है। CBFC के इस निर्णय के बाद अब फिल्म की रिलीज़ का रास्ता और भी साफ हो गया है। फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि सेंसर बोर्ड का यह कदम फ़िल्म निर्माताओं के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि काल्पनिक सैन्य कथाओं को भी कलात्मक स्वतंत्रता के दायरे में उचित स्थान दिया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित मानकों का पालन करें।
अब दर्शकों का ध्यान इस बात पर है कि ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह किस प्रकार का गहन और ऊर्जावान प्रदर्शन लेकर आएंगे। रिलीज़ डेट नजदीक आते ही फिल्म की चर्चा और तेज होने की उम्मीद है।
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