इजराइल और हमास के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद शांति की उम्मीदों को झटका लगा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्षविराम समझौते को मंजूरी देने के लिए इजराइली कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी। उन्होंने आरोप लगाया है कि हमास समझौते के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा है।
गाजा में हवाई हमलों से तबाही
इजराइली हवाई हमलों ने गाजा में विनाशकारी स्थिति पैदा कर दी है। बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हुई। गाजा सिविल डिफेंस के अनुसार, एक रिहायशी इमारत पर हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए, जबकि एक अन्य हमले में 15 लोगों की जान गई और 20 लोग घायल हो गए।
हमास समर्थित सिविल डिफेंस ने कहा है कि अब तक मरने वालों की संख्या 71 हो चुकी है, जिनमें 19 बच्चे और 24 महिलाएं शामिल हैं। लगातार बढ़ती हिंसा ने गाजा में डर और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।
नेतन्याहू का आरोप और हमास का खंडन
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमास पर संघर्षविराम समझौते के प्रावधानों से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक तभी होगी, जब मीडिएटर इस बात की पुष्टि करेंगे कि हमास समझौते के सभी नियमों का पालन कर रहा है।
दूसरी ओर, हमास ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। हमास के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य ने कहा कि हमास समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है और उन्होंने किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है।
सीजफायर की शर्तें
संघर्षविराम समझौते के तहत, पहले चरण में 33 बंधकों की रिहाई के बदले इजराइली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाना था। हालांकि, इजराइली सेना ने गाजा पर हो रहे ताजा हवाई हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
क्षेत्र में तनाव चरम पर
सीजफायर पर जारी संदेह और गाजा में लगातार हो रहे हमलों के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। पिछले 15 महीनों से इजराइल और हमास के बीच यह विवाद जारी है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।
इस स्थिति ने शांति की संभावनाओं को गंभीर चुनौती दी है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।
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