दिल्ली के प्रदूषण ने बढ़ाई सोनिया गांधी की मुश्किल, सांस लेने में दिक्कत के बाद सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी (79) को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सांस लेने में कठिनाई के कारण भर्ती कराया गया है। सोमवार की देर रात अचानक स्वास्थ्य समस्या महसूस होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी चिकित्सा टीम लगातार नजर रखे हुए है। अस्पताल से जारी आधिकारिक बुलेटिन में बताया गया है कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वह उपचार के दौरान अच्छी प्रतिक्रिया दे रही हैं।

अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि विस्तृत चिकित्सीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दिल्ली में ठंडी हवाओं और बढ़ते प्रदूषण का मिश्रित प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ा है, जिससे उनके पहले से मौजूद ब्रोंकियल अस्थमा में मामूली वृद्धि हुई। चिकित्सकों ने इसे गंभीर स्थिति नहीं बताया, लेकिन एहतियातन निगरानी तथा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती रखने का निर्णय लिया गया।

स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम के अंतर्गत सोनिया गांधी को छाती रोग विशेषज्ञ (Chest Physician) की निगरानी में रखा गया है, जहाँ वे सांस संबंधी दिक्कतों के लिये सहायक उपचार प्राप्त कर रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी के मौसम तथा राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब रहने की वजह से श्वसन समस्याओं का जोखिम अधिक होता है, खासकर उन मरीजों में जिनके पहले से अस्थमा जैसी पुरानी स्थितियाँ हैं।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में सोनिया गांधी की अचानक सेहत बिगड़ने को लेकर चिंता का माहौल देखा गया है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि वरिष्ठ नेता चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित हैं और उनकी हालत अच्छी है।

डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि सोनिया गांधी समय‑समय पर अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराती रहती हैं और यह रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा भी हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में उनके स्वास्थ्य को लेकर कई बार चर्चा रही है, क्योंकि उनमें उम्र तथा मौसमी बदलावों के कारण सामान्य श्वसन संबंधी परेशानी देखी गई है। इससे पहले भी उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी अन्य कारणों से चिकित्सीय देखभाल के लिये लाया गया था।

सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि उन्होंने उन्हें एंटीबायोटिक और सहायक दवाइयाँ प्रदान की हैं, और चिकित्सीय प्रगति के आधार पर ही छुट्टी का निर्णय लिया जाएगा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार यदि स्थिति में सुधार जारी रहा, तो उन्हें कुछ दिनों में डिस्चार्ज कर दिया जा सकता है।

राजनीतिक गलियारे में भी इस खबर ने हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की सबसे वरिष्ठ और प्रतिष्ठित शख्सियतों में से एक हैं। उनके स्वास्थ्य अपडेट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों में उत्सुकता बनी हुई है, और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की लहर देखने को मिल रही है।

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