पैरों पर मोज़े उतारते ही जो गहरे निशान या डिंपल्स नजर आते हैं, उन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह सिर्फ सौंदर्य या असुविधा का मुद्दा नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह शरीर में कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
1. डायबिटीज (मधुमेह)
डायबिटीज के मरीजों में अक्सर पैरों पर सुधार न होने वाले निशान, सूजन या लालिमा दिखाई देती है। लंबे समय तक उच्च शुगर स्तर रक्त परिसंचरण को प्रभावित करता है और त्वचा पर निशान बनना इसका शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह नसों और अंगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
2. थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड की गड़बड़ी के कारण भी पैरों और टखनों पर सूजन और गहरे निशान देखने को मिल सकते हैं। थायरॉइड हॉर्मोन की कमी या अधिकता से शरीर में फ्लुइड रिटेंशन और त्वचा में बदलाव हो जाते हैं। इस स्थिति में, पैरों पर दबाव डालने से मोज़े के निशान लंबे समय तक रह सकते हैं।
3. हृदय और ब्लड सर्कुलेशन संबंधी रोग
पैरों पर निशान, सूजन या टखनों की भारीपन हृदय संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकता है। जब रक्त का संचार सही तरीके से नहीं होता, तो पैरों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे मोज़े के निशान गहरे दिखते हैं। यह अक्सर हार्ट फेलियर या ब्लड प्रेशर की समस्या में देखा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पैरों पर मोज़े के निशान लगातार लंबे समय तक बने रहते हैं या सूजन, दर्द या लालिमा के साथ दिखते हैं, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे लक्षणों को डॉक्टर से तुरंत चेक कराना चाहिए।
सावधानियों और उपचार के तरीके:
पैरों की साफ-सफाई और हाइड्रेशन बनाए रखें।
अगर लंबे समय तक खड़े रहने या चलने के बाद निशान गहरे दिखते हैं, तो उच्च सोडियम वाले भोजन कम करें।
नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर चेक करवाएं।
डॉक्टर की सलाह अनुसार थायरॉइड और हृदय स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
पैरों पर मोज़े के निशान सिर्फ सौंदर्य या आराम का मसला नहीं हैं। यह शरीर में किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की शुरुआती चेतावनी हो सकती है। समय रहते उचित जांच और इलाज से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
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