डायबिटीज में रामबाण है गिलोय का काढ़ा

खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते भारत में डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यह “साइलेंट किलर” बीमारी न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है। अगर आप पहले से ही डायबिटीज के शिकार हैं या भविष्य में इससे बचाव करना चाहते हैं, तो गिलोय का काढ़ा आपकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन सकता है।

गिलोय का काढ़ा क्यों है फायदेमंद?
गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृता’ कहा गया है, यानी अमृत के समान लाभकारी। इसके काढ़े में मौजूद औषधीय गुण न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं।
गिलोय में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-वायरल गुण मौजूद होते हैं जो डायबिटीज के साथ-साथ कई और बीमारियों से भी लड़ने की ताकत देते हैं।

ऐसे बनाएं गिलोय का काढ़ा
सामग्री:

गिलोय की डंडी या पाउडर

नीम की पत्तियां

अदरक

पुदीना

सेंधा नमक

काली मिर्च

विधि:

गिलोय की डंडी, अदरक और पुदीने को मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें।

नीम की पत्तियों को धोकर गर्म पानी में उबालें।

अब तैयार पेस्ट को नीम के उबले हुए पानी में मिलाएं।

इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक और काली मिर्च डालें।

काढ़े को छान लें और गुनगुना पीएं।

शुगर कंट्रोल के लिए ध्यान देने योग्य बातें
WHO की गाइडलाइन के अनुसार, एक व्यक्ति को दिनभर में 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।

डायबिटीज से बचने के लिए हेल्दी डाइट के साथ-साथ नियमित एक्सरसाइज, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है।

यह भी पढ़ें:

मोटापे से छुटकारा पाएं – वो भी घरेलू नुस्खों से