ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के प्रसिद्ध बोंडी बीच पर रविवार शाम एक दिल दहला देने वाली गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को हिला दिया। स्थानीय समयानुसार लगभग शाम 6:45 बजे, यहूदी समुदाय के हनुक्का (Chanukah) उत्सव के दौरान अचानक अंधाधुंध गोलियां चलीं, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया है।
क्या हुआ?
घटना उस समय सामने आई जब समुद्र तट पर यहूदी समुदाय का “Chanukah by the Sea” नामक कार्यक्रम चल रहा था। दो हथियारबंद असलहारियों ने प्रहार करना शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद सैकड़ों लोग भागने और छिपने के लिए हड़बड़ी में लग गए। गोलीबारी की तेज आवाज़ ने इलाके में भय, अफरातफरी और अराजक माहौल पैदा कर दिया।
प्रारंभिक चौकश में पुलिस ने बताया कि एक हमलावर को स्थल पर ही मार गिराया गया, जबकि दूसरे को हिरासत में ले लिया गया है। कुछ रिपोर्टों में तीसरे बंदूकधारी के शामिल होने की संभावना पर भी जांच चल रही है। अधिकारियों ने इलाके को सील कर दिया है और लोगों से बोंडी बीच से दूर रहने की अपील की है।
चश्मदीदों ने क्या देखा?
घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक गोलियों की बरसात शुरू हो गई और लोग चिल्लाते हुए इधर‑उधर भागने लगे। कुछ ने कहा कि उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को जमीन पर गिरते हुए देखा, जबकि दूसरे घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाते हुए देखा गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने इसे अपने जीवन का सबसे भयावह अनुभव बताया।
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि आतंकियों के आते ही इलाके में दहशत फैल गई और लोग शरण ढूँढने के लिए पास के किनारों या दुकानों में छिप गए। इस बीच, कुछ बहादुर व्यक्तियों ने घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की।
वीरता के पल भी आए सामने
डर और अराजकता के बीच कुछ बहादुर पलों ने भी घटना में उजाला भर दिया। एक राहगीर, जिसकी पहचान बाद में Ahmed Al‑Ahmed के रूप में हुई, ने एक बंदूकधारी को मजबूती से पकड़कर उसकी बंदूक छीन ली, जिससे और व्यापक क्षति रोकने में मदद मिली। इस साहसिक कदम को न केवल स्थानीय पुलिस बल्कि जनता ने भी सराहा।
पुलिस और सरकारी प्रतिक्रिया
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और मृतकों तथा घायलों की संख्या की पुष्टि कर रही है। घटना को आतंकी हमला मानते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में न केवल यहूदी समुदाय बल्कि आम नागरिकों में भी गहरा सदमा और चिंता का माहौल है। बोंडी बीच को आमतौर पर शांतिपूर्ण समुद्र तट और पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है, लेकिन इस हमले ने वहां की शांति और सामाजिक एकता को गंभीर चोट पहुँचाई है।
यह भी पढ़ें:
ठंड के मौसम में बार-बार पेशाब का चक्कर, शरीर क्यों दे रहा यह संकेत
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check