रोजाना मेडिटेशन से मिल सकते हैं ये बड़े फायदे, समय और अवधि जानना जरूरी

आज के तेज़-तर्रार जीवन में तनाव और मानसिक थकान आम हो गई है। ऐसे में मेडिटेशन या ध्यान अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ अत्यधिक लाभकारी मानते हैं। लेकिन अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि मेडिटेशन करने का सही समय क्या है और रोज कितनी देर मेडिटेट करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय और अवधि का चुनाव लाभ को कई गुना बढ़ा सकता है।

सबसे उपयुक्त समय माना जाता है सुबह जल्दी, सूर्योदय से पहले या बाद में, जब वातावरण शांत और मन स्पष्ट होता है। इस समय शरीर और मस्तिष्क दोनों तरोताजा रहते हैं, और ध्यान के दौरान मानसिक शांति जल्दी प्राप्त होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सुबह का मेडिटेशन दिनभर की थकान और तनाव को कम करने में मदद करता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ाता है।

रात को सोने से पहले भी मेडिटेशन करना लाभकारी है। यह दिनभर की चिंता और तनाव को कम करता है, नींद की गुणवत्ता सुधारता है और शरीर को गहरी विश्राम अवस्था में पहुंचाने में मदद करता है। हालांकि, रात में मेडिटेशन अधिक देर तक करना लोगों को ऊर्जावान बना सकता है और नींद प्रभावित कर सकता है। इसलिए समय और अवधि का ध्यान रखना आवश्यक है।

रही बात मेडिटेशन की अवधि की, तो विशेषज्ञ आम तौर पर रोजाना 15 से 30 मिनट मेडिटेशन करने की सलाह देते हैं। शुरुआती लोगों के लिए यह समय 5 से 10 मिनट से शुरू किया जा सकता है और धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। नियमित अभ्यास से मानसिक स्पष्टता, ध्यान क्षमता और भावनात्मक संतुलन में सुधार देखा गया है।

मेडिटेशन के फायदे भी व्यापक हैं। यह तनाव और चिंता कम करने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और मानसिक शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, नियमित ध्यान से मस्तिष्क की कार्यक्षमता और याददाश्त में सुधार होता है। योग और प्राणायाम के साथ मेडिटेशन का संयोजन शरीर और मन दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मेडिटेशन करते समय शांत वातावरण, सही मुद्रा और नियमित अभ्यास पर ध्यान दें। मोबाइल और अन्य विकर्षणों से दूरी बनाएं। अगर रोजाना निर्धारित समय और अवधि का पालन किया जाए, तो सिर्फ कुछ हफ्तों में मानसिक शांति और ऊर्जा में बदलाव महसूस किया जा सकता है।

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