वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि बजट में सोने पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा से घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने और आभूषण निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एंजल टैक्स हटाने का फैसला देश में स्टार्टअप पारिस्थिकी तंत्र को और मजबूत करेगा।
गोयल ने कहा, ‘‘सोने के आयात शुल्क में छह प्रतिशत की कटौती से सोने और चांदी के आभूषणों के विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इससे तस्करी पर भी लगाम लगेगी।’’ उन्होंने कहा कि सोने की कीमतें ऊंची हैं और शादी का मौसम आ रहा है और इस कदम से लोगों को मदद मिलेगी।
मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में सोने और कीमती धातु के आभूषणों में घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ाने के लिए सरकार ने सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर छह प्रतिशत और प्लैटिनम पर 6.4 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है।
स्टार्टअप को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने देश में उभरते उद्यमियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों के सभी वर्गों के लिए एंजल टैक्स हटाने की घोषणा की।
एंजल टैक्स से तात्पर्य उस आयकर से है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाए गए कोष पर लगाती है, अगर उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है।
गोयल ने यह भी कहा कि बजट ने समाज के सभी वर्गों को छुआ है।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करने से अर्थव्यवस्था पर कई गुना प्रभाव पड़ता है क्योंकि इससे लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में घोषणा के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा कि मंत्रालय ने सचिवों की समिति के सामने इस क्षेत्र में कई सुझाव रखे हैं।
प्रक्रिया और प्रक्रियाओं और अनुमोदन की गति के संदर्भ में और सरलीकरण लाने का विचार है।
कुछ क्षेत्रों में, मंत्रालय स्वत: मंजूर मार्ग के माध्यम से एफडीआई की अनुमति देने पर विचार कर सकता है।
इसके अलावा, ई-कॉमर्स हब के संबंध में मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्य विभाग 10-15 ऐसे हब के साथ शुरुआत कर सकता है।
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