क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (COPD) को पहले “लाइलाज” माना जाता था, लेकिन अब मेडिकल साइंस ने इसे पूरी तरह कंट्रोल करने का रास्ता खोल दिया है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. ने कहा, “COPD का पूरा इलाज नहीं है, लेकिन सही समय पर डायग्नोसिस और नए ट्रीटमेंट से मरीज 20-25 साल तक सामान्य जीवन जी सकता है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 5.5 करोड़ लोग COPD से पीड़ित हैं और हर साल 9 लाख मौतें इसी से होती हैं।
COPD के 7 मुख्य लक्षण – इन्हें नजरअंदाज न करें
सुबह उठते ही बलगम वाली खांसी (स्मोकर्स कफ)
सीढ़ी चढ़ते या तेज चलते ही सांस फूलना
घर में भी सांस लेने में तकलीफ
बार-बार छाती में इन्फेक्शन
होंठ और नाखूनों का नीला पड़ना
वजन घटना और कमजोरी
रात में सांस की तकलीफ से नींद टूटना
डॉ. कहते हैं, “40 साल से ऊपर और 10 साल से सिगरेट-बीड़ी पीने वालों में 50% को COPD होता है। अब तो गाँवों में चूल्हे के धुएं से भी महिलाओं को हो रहा है।”
नया इलाज – अब COPD को रोका जा सकता है
धूम्रपान तुरंत बंद – पहला और सबसे जरूरी कदम।
इनहेलर थेरेपी – नए ट्रिपल इनहेलर (LAMA + LABA + ICS) फेफड़ों की सूजन 70% तक कम करते हैं।
पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन – 8 हफ्ते का प्रोग्राम जिसमें सांस की एक्सरसाइज, डाइट और योग शामिल। 85% मरीजों की सांस 40% बेहतर हुई।
ऑक्सीजन थेरेपी – घर पर पोर्टेबल ऑक्सीजन मशीन।
नया ब्रॉंकोस्कोपिक लंग वॉल्यूम रिडक्शन – खराब फेफड़े के हिस्से को वाल्व से बंद कर अच्छे हिस्से को जगह देना।
मैक्स अस्पताल में पिछले साल 120 मरीजों पर यह नया प्रोसीजर किया गया, जिसमें 68% मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत ही खत्म हो गई।
घर पर क्या करें?
रोज 30 मिनट वॉक + फूंक मारकर गुब्बारा फुलाएं
तुलसी-अदरक की चाय पिएं
चूल्हे की जगह LPG या इंडक्शन यूज करें
हर साल फेफड़े का फंक्शन टेस्ट (स्पाइरोमेट्री) कराएं
डॉ. की अंतिम सलाह: “COPD तब तक बढ़ता है जब तक आप धूम्रपान या धुआं लेते रहते हैं। एक बार छोड़ दिया तो बीमारी रुक जाती है।” आज ही फैसला लें – सिगरेट छोड़ें, सांस बचाएं।
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