इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। दुनियाभर में लगभग 40 लाख से अधिक उपभोक्ता ब्राउज़र एक्सटेंशन के माध्यम से मैलवेयर की चपेट में आ चुके हैं। साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं का कहना है कि कई लोकप्रिय एक्सटेंशन, जिन पर उपयोगकर्ता आंख बंद कर भरोसा करते हैं, उसी भरोसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। ये एक्सटेंशन न केवल ब्राउज़िंग डेटा तक पहुंच बनाते हैं, बल्कि विज्ञापन इंजेक्शन, क्लिक फ्रॉड और संवेदनशील जानकारी की चोरी जैसे कार्यों में भी संलिप्त पाए गए हैं।
ब्राउज़र एक्सटेंशन मूल रूप से उपयोगकर्ता सुविधा बढ़ाने के लिए बनाए जाते हैं—जैसे स्क्रीनशॉट लेना, पासवर्ड मैनेजमेंट, VPN, नोटिफिकेशन कंट्रोल या प्रोडक्टिविटी टूल्स। लेकिन हाल के वर्षों में इनका दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि एक बार इंस्टॉल होने पर कई एक्सटेंशन उन परमिशनों की मांग करते हैं जिनकी उन्हें बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती। परिणामस्वरूप वे ब्राउज़र इतिहास, लॉगिन से संबंधित डेटा, कुकीज़ और यहां तक कि बैंकिंग से जुड़े सत्रों को भी ट्रैक कर सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि कई हानिकारक एक्सटेंशन आधिकारिक स्टोर में उपलब्ध रहने के बावजूद सुरक्षा परीक्षणों को पार कर जाते हैं। यह चिंता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि उपयोगकर्ता यह मानकर चलते हैं कि स्टोर पर मौजूद सभी टूल सुरक्षित होते हैं। वहीं, कुछ डेवलपर शुरुआत में सुरक्षित और वैध एक्सटेंशन जारी करते हैं और बाद में उन्हें अनजान खरीदारों को बेच देते हैं। ये नए मालिक अकसर इसमें छिपा हुआ मैलवेयर शामिल कर देते हैं, जबकि एक्सटेंशन पहले से ही लाखों उपभोक्ताओं के ब्राउज़र में मौजूद होता है।
हाल के मामले बताते हैं कि कई एक्सटेंशन उपयोगकर्ताओं के ब्राउज़र में अनचाहे विज्ञापन इंजेक्ट कर रहे थे। कुछ मामलों में यूजर की ऑनलाइन खरीदारी पर नजर रखकर डेटा तीसरे पक्ष को बेचा जा रहा था। कुछ मैलवेयर एक्सटेंशन तो ऐसे भी पाए गए जो उपयोगकर्ता के क्लिक को चुपचाप मॉनिटर करते हुए विज्ञापन नेटवर्क की ओर मोड़ देते थे, जिससे अवैध कमाई की जाती थी।
विशेषज्ञों के अनुसार स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन सतर्कता बरतकर इससे बचाव पूरी तरह संभव है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जा रही है कि किसी भी एक्सटेंशन को इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर, रेटिंग, डाउनलोड संख्या और यूजर रिव्यू अवश्य जांचें। इसके अलावा लंबे समय से उपयोग न किए जाने वाले या संदिग्ध परमिशन मांगने वाले एक्सटेंशन को तुरंत हटाया जाना चाहिए। नियमित अंतराल पर ब्राउज़र के “एक्सटेंशन मैनेजर” की जांच करना भी आवश्यक है।
सुरक्षा विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि ब्राउज़र और सुरक्षा सॉफ़्टवेयर का समय-समय पर अपडेट होना बेहद जरूरी है। कई ब्राउज़र अब एक्सटेंशन को सीमित परमिशनों के साथ चलाने का विकल्प भी देते हैं, जिसका उपयोग करके जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिजिटल जीवन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना। विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है: कम एक्सटेंशन इस्तेमाल करें, और वही जो भरोसेमंद और आवश्यक हों।
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