डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए सही खान-पान बेहद जरूरी है। अगर आप ब्लड शुगर लेवल को नैचुरली कंट्रोल करना चाहते हैं, तो मूंग दाल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। मूंग दाल में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI), हाई फाइबर और प्रोटीन होता है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है।
आइए जानते हैं कि मूंग दाल डायबिटीज के मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद है और इसे सही तरीके से कैसे खाया जाए।
डायबिटीज में मूंग दाल क्यों फायदेमंद है?
ब्लड शुगर कंट्रोल करती है – मूंग दाल में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI: 38-40) होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती है – इसमें मौजूद कंप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को बेहतर बनाते हैं।
पाचन सुधारती है – हाई फाइबर होने की वजह से यह पाचन को दुरुस्त रखती है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है।
वजन घटाने में मददगार – डायबिटीज मरीजों के लिए वजन कंट्रोल करना बेहद जरूरी होता है। मूंग दाल हाई प्रोटीन फूड है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और ओवरईटिंग नहीं होती।
कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग से बचाव – मूंग दाल हार्ट-फ्रेंडली फूड है, जो कोलेस्ट्रॉल कम करके दिल की सेहत को भी बेहतर बनाती है।
डायबिटीज में मूंग दाल का सही सेवन तरीका
अगर आप मूंग दाल से ब्लड शुगर को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से और सही मात्रा में खाना बेहद जरूरी है। यहां कुछ हेल्दी ऑप्शंस दिए गए हैं—
मूंग दाल की खिचड़ी
कैसे बनाएं?
½ कप मूंग दाल और ½ कप ब्राउन राइस या क्विनोआ लें।
इसमें हल्दी, हींग, अदरक और हल्का नमक डालें।
देसी घी में पकाकर खाएं।
फायदा – यह लाइट वेट मील है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
मूंग दाल का सूप
कैसे बनाएं?
मूंग दाल को अच्छी तरह उबालकर उसमें अदरक, लहसुन और हल्दी डालें।
इसमें गाजर, पालक या टमाटर मिलाकर और पौष्टिक बना सकते हैं।
फायदा – यह लो-कैलोरी और हाई-प्रोटीन डाइट है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार होती है।
स्प्राउटेड मूंग सलाद
कैसे बनाएं?
रातभर मूंग दाल को भिगोकर सुबह अंकुरित करें।
इसमें नींबू, हरी मिर्च, टमाटर, खीरा और धनिया डालें।
फायदा – यह नेचुरल फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता।
मूंग दाल चीला
मूंग दाल को भिगोकर पीस लें और उसमें हल्दी, धनिया और हल्का नमक डालें।
इसे तवे पर बिना ज्यादा तेल के सेकें।
फायदा – यह लो-कार्ब और हाई-प्रोटीन ऑप्शन है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है।
मूंग दाल कब और कितनी खानी चाहिए?
सुबह नाश्ते में – मूंग दाल का चीला या स्प्राउट्स खाना अच्छा रहेगा।
लंच या डिनर में – मूंग दाल की खिचड़ी या सूप ले सकते हैं।
रात में ज्यादा ना खाएं – क्योंकि यह पाचन को धीमा कर सकता है।
मात्रा – डायबिटीज के मरीजों को 1 दिन में 1-1.5 कटोरी (100-150 ग्राम) मूंग दाल का सेवन करना चाहिए।
किन लोगों को मूंग दाल कम खानी चाहिए?
जिन्हें पेट में ज्यादा गैस बनती है, उन्हें सीमित मात्रा में मूंग दाल खानी चाहिए।
लो ब्लड शुगर वाले लोग, ज्यादा मात्रा में न खाएं, वरना शुगर जरूरत से ज्यादा कम हो सकता है।
गठिया या यूरिक एसिड के मरीजों को मूंग दाल अंकुरित करने के बाद खाना चाहिए, ताकि इसका असर हल्का हो जाए।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायबिटीज मरीजों के लिए मूंग दाल सबसे अच्छी प्रोटीन-सोर्स है, क्योंकि यह जल्दी पचती है और ब्लड शुगर को नहीं बढ़ाती।
रिसर्च के अनुसार, हफ्ते में 4-5 बार मूंग दाल खाने से ब्लड शुगर लेवल 10-15% तक कम हो सकता है।
आयुर्वेद में भी मूंग दाल को डायबिटीज फ्रेंडली फूड माना गया है।
डायबिटीज मरीजों के लिए मूंग दाल किसी सुपरफूड से कम नहीं है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने, इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करती है। लेकिन इसे सही मात्रा और सही तरीके से खाना जरूरी है।
अगर आप नेचुरल तरीके से डायबिटीज कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में मूंग दाल को जरूर शामिल करें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं!