आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली के कारण डायबिटीज यानी मधुमेह अब आम हो गई है। पहले ये बीमारी केवल उम्रदराज़ लोगों को होती थी, लेकिन अब यह कम उम्र के युवाओं और बच्चों में भी देखने को मिल रही है। इसकी एक बड़ी वजह जेनेटिक कारण और खानपान की गड़बड़ी है।
हालांकि सही समय पर यदि डायबिटीज को नियंत्रित कर लिया जाए, तो इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई लोग इसे काबू में रखने के लिए लौकी, करेले, गिलोय जैसे घरेलू उपाय अपनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सुंदर सा पौधा – “सदाबहार” भी इसमें आपकी मदद कर सकता है?
क्या है सदाबहार का फूल और इसका महत्व?
सदाबहार (Vinca Rosea) एक खूबसूरत झाड़ीदार पौधा है, जो भारत में आमतौर पर देखने को मिलता है। यह मेडागास्कर मूल का है और पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसे चमत्कारी औषधि माना गया है। इसके फूल और पत्तियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मददगार होते हैं।
डायबिटीज में कैसे काम करता है सदाबहार?
सदाबहार के फूलों और पत्तियों में हाइपोग्लायसेमिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करते हैं। इसका अर्क बीटा पैंक्रियाज सेल्स को एक्टिव करता है, जिससे इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है। साथ ही यह स्टार्च को ग्लूकोज में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर स्पाइक्स कंट्रोल में रहते हैं।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार, मधुमेह एक मेटाबॉलिक कफ दोष है जिसमें पाचन की अग्नि धीमी पड़ जाती है और शरीर में ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। ऐसे में सदाबहार फूल का उपयोग करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह पाचन सुधारता है और शुगर के स्तर को संतुलित करता है।
सदाबहार में पाए जाने वाले औषधीय तत्व:
एल्कलॉइड्स (जैसे विन्क्रिस्टाइन और विनब्लास्टाइन) – औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध
टैनिन – सूजन और संक्रमण को कम करने में सहायक
100+ औषधीय यौगिक, जो मलेरिया, गले की खराश, ल्यूकेमिया जैसी बीमारियों में भी उपयोगी हैं।
डायबिटीज में सदाबहार का उपयोग कैसे करें?
1. सुखी पत्तियों का चूर्ण:
सदाबहार की ताज़ी पत्तियों को छांव में सुखाकर बारीक पीस लें।
एक कांच की बोतल में स्टोर करें।
रोज़ सुबह खाली पेट 1 चम्मच चूर्ण पानी या फलों के रस के साथ लें।
2. पत्तियों को चबाएं:
हर दिन 3–4 ताज़ी पत्तियां धीरे-धीरे चबाएं।
यह ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है।
3. फूलों की हर्बल चाय:
ताजे फूलों को पानी में उबालें।
थोड़ी देर ठंडा कर छान लें और सुबह खाली पेट पीएं।
यह तरीका शुगर लेवल को नियंत्रित करने में बहुत असरदार माना जाता है।
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