ब्लड प्रेशर, यानी रक्तचाप, हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। इसे नियंत्रित रखना जीवन और स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि उच्च या निम्न ब्लड प्रेशर दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। हाल ही में नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिससे यह समझना आसान हो गया है कि नॉर्मल ब्लड प्रेशर की सही रेंज क्या होनी चाहिए।
ब्लड प्रेशर के सामान्य मापदंड
ब्लड प्रेशर दो संख्याओं में मापा जाता है:
सिस्टोलिक (ऊपर की संख्या): यह दिल के धड़कने के दौरान रक्त का दबाव दर्शाता है।
डायस्टोलिक (नीचे की संख्या): यह दिल के आराम की अवधि में रक्त का दबाव दिखाता है।
नई गाइडलाइन के अनुसार:
नॉर्मल ब्लड प्रेशर: 120/80 mmHg के आसपास
उच्च सामान्य: 120-129/80 mmHg
हाई ब्लड प्रेशर (Stage 1 Hypertension): 130-139 / 80-89 mmHg
Stage 2 Hypertension: 140 / 90 mmHg या उससे अधिक
हाइपरटेंसिव क्राइसिस: 180/120 mmHg से ऊपर, जो तत्काल चिकित्सा की मांग करता है
विशेषज्ञों का कहना है कि नॉर्मल ब्लड प्रेशर बनाए रखना हृदय, मस्तिष्क और गुर्दे जैसी महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा करता है।
ब्लड प्रेशर प्रभावित करने वाले कारक
ब्लड प्रेशर केवल उम्र या वंशानुगत कारणों से नहीं बढ़ता। इसके कई कारण हो सकते हैं:
अनहेल्दी डाइट: ज्यादा नमक, तला-भुना या फैटी फूड
अव्यायाम: शारीरिक गतिविधियों की कमी
तनाव और मानसिक दबाव
धूम्रपान और शराब का सेवन
अत्यधिक वजन या मोटापा
नॉर्मल ब्लड प्रेशर कैसे बनाए रखें
संतुलित डाइट: फल, सब्जियां, ओट्स, दाल और लो-नमक वाला भोजन लें।
नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की या मध्यम व्यायाम करें।
तनाव कम करें: योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं।
वजन नियंत्रित रखें: अनावश्यक मोटापा ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
नियमित जांच: घर पर ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग या डॉक्टर के पास नियमित चेकअप कराएं।
कब हो जाएँ सतर्क
यदि ब्लड प्रेशर लगातार 130/80 mmHg या उससे अधिक दिखे, तो यह Stage 1 Hypertension माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसे नजरअंदाज करना दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी की समस्या जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
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