दालचीनी बेहद पावरफुल मसाला होता है. इसके सेवन से शरीर को कई फायदे होते हैं. डायबिटीज और महिलाओं में होने वाली PCOS की बीमारी में यह लाभकारी माना जाता है.
दालचीनी से डायबिटीज कैसे कंट्रोल करें
बिगड़ी लाइफस्टाइल और खानपान से डायबिटीज और PCOS तेजी से बढ़ रही है. इनसे छुटकारा पाने का आसान और कारगर तरीका लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करना है. हालांकि, आयुर्वेद में भी इसका उपाय मौजूद है. हमारे किचन में कई मसालें मौजूद हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. इसी में से एक दालचीनी भी है.
औषधीय गुणों से भरपूर दालचीनी इन दोनों बीमारियों से राहत दिला सकती है. दालचीनी तेज सुगंध वाला मसाला है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने का काम करती है. यह दिल की सेहत को भी दुरुस्त रखता है.
दालचीनी की स्टिक ही नहीं इसका पाउडर भी फायदेमंद होता है. दालचीनी के नियमित तौर पर सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन का उत्पादन और प्रॉसेस प्रभावित होते हैं. दालचीनी कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति संवेदनशील बनाकर ग्लूकोज ब्लड कोशिकाओं में आसानी से पहुंचने में आसान बनाती है.
यह पावरफुल मसाला शरीर में कार्ब्स टूटने की प्रॉसेस धीमी होती है. इससे स्टेनबल ब्लड शुगर का लेवल बढ़ता है. फास्टिंग शुगर अस्थिर वाली स्थिति से भी दालचीनी बचाती है. हालांकि, लाभकारी दालचीनी का सेवन कम मात्रा में करनी चाहिए.
पीसीओएस महिलाओं में पाई जाने वाली आम बीमारी है. कम उम्र की लड़कियां भी इससे प्रभावित होती हैं. अध्ययन के मुताबिक, पीसीओएस और डायबिटीज एक-दूसरे से संबंधित हैं. पीसीओएस की शिकार 40 साल की उम्र वाली आधी से ज्यादा महिलाएं डायबिटीज से पीड़ित हो जाती हैं. पीसीओएस से न सिर्फ हार्मोंस का संतुलन खराब होता है, बल्कि वजन भी बढ़ता है. ब्लड शुगर का लेवल हाई होने और इंसुलिन रजिस्टेंस भी प्रभावित होती है.
डाइट में नियमित तौर पर दालचीनी को शामिल कर सकते हैं. चाय, कॉफी, दाल, दलिया, राजमा, छोले और चावल में दालचीनी पाउडर मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. आप पानी की बोतल में दालचीनी स्टिक डालकर रखें और दिनभर इस पानी को पिएं. रात में सोते समय आधा चम्मच दालचीनी पाउडर एक गिलास पानी में मिलाकर छोड़ दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. इसका खूब फायदा मिलेगा.
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